शामली- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग आज आस्था की बात कर रहे हैं, वही 2017 से पहले धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाते थे।
सीएम योगी ने अपने इस संबोधन में आगे कहा कि, जो लोग आज आस्था की वकालत करते दिख रहे हैं, ये लोग 2017 के पहले जयश्रीराम बोलने पर लाठी मारते थे, गोली चलाते थे, कांवड़ यात्रा को प्रतिबंधित करते थे, कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को रोकते थे, रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकलने देते थे और धार्मिक स्थलों की संपत्तियों पर कब्जा करते थे।"

कांवड़ संघों से की अनुशासन बनाए रखने की अपील
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी ने सभी कांवड़ संघों और श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यात्रा आस्था का प्रतीक है और इसे मर्यादा के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए। अपने इस संबोधन में आगे राज्य के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, जीवन में धैर्य और अनुशासन हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। छोटी-छोटी बातों को लेकर कहीं भी हुड़दंग नहीं होना चाहिए।
'हुड़दंग से विरोधियों को मिलेगा मुद्दा'
मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कहीं भी अनुशासनहीनता या हुड़दंग की घटना होती है तो विरोधी दल उसे मुद्दा बनाकर कांवड़ यात्रा को बदनाम करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, "अगर कहीं कोई हुड़दंगी या अनुशासनहीनता होगी तो विरोधी ऐसे दृश्यों को नोट करके रखेंगे और फिर पहले की तरह कांवड़ यात्रा पर दबाव बनाने का प्रयास करेंगे।"
सरकार हर संभव सहयोग दे रही है
सीएम योगी ने कहा कि राज्य सरकार कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और उनकी धार्मिक आस्था के सम्मान के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "कांवड़ यात्रा के लिए सरकार सुरक्षा, सुविधा और भक्ति को साकार करने के लिए हर प्रकार का सहयोग कर रही है। यही डबल इंजन की सरकार है जो आस्था का सम्मान करती है, पुष्प वर्षा करती है, लेकिन हम सभी को मर्यादा का भी पालन करना होगा।"
आस्था और अनुशासन दोनों जरूरी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि धार्मिक आयोजन तभी सफल होते हैं जब उनमें श्रद्धा के साथ अनुशासन भी बना रहे। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे यात्रा के दौरान कानून और व्यवस्था का पालन करें ताकि यह धार्मिक पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हो सके।