गोरखपुर | शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में महानवमी और विजयादशमी के अनुष्ठानों की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गोरक्षपीठ में दोनों पर्वों पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार विशेष पूजा-अर्चना, कन्या पूजन, तिलकोत्सव और भव्य शोभायात्रा का आयोजन होगा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महानवमी पर कन्या पूजन करेंगे, जबकि विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ की पूजा के साथ दिनभर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की आराधना के बाद कन्या पूजन
महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे कन्या पूजन का अनुष्ठान संपन्न होगा। गोरखनाथ मंदिर की परंपरा के अनुसार, मुख्यमंत्री कुंवारी कन्याओं के पैर पखारकर उनका पूजन करेंगे। उनके माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत का तिलक लगाया जाएगा। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाएगा और दक्षिणा व उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया जाएगा। इस दौरान बटुक पूजन की परंपरा भी निभाई जाएगी। सनातन परंपरा में कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। गोरक्षपीठ में यह अनुष्ठान नारी शक्ति के सम्मान और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है।
विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ के पूजन से होगी शुरुआत
मंगलवार, 20 अक्टूबर को विजयादशमी पर्व पर गोरखनाथ मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 9:35 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ शिवावतार गुरु गोरखनाथ की विशिष्ट पूजा-अर्चना करेंगे। गुरु गोरखनाथ के पूजन के बाद मंदिर परिसर में स्थापित अन्य देव विग्रहों की पूजा भी की जाएगी। विजयादशमी को धर्म की अधर्म पर और सत्य की असत्य पर विजय के प्रतीक पर्व के रूप में मनाया जाता है। गोरक्षपीठ में इस अवसर पर नाथपंथ की पारंपरिक पूजा-पद्धति का विशेष महत्व है।
दोपहर में होगा गोरक्षपीठाधीश्वर का तिलकोत्सव
विजयादशमी के दिन दोपहर एक बजे से तीन बजे तक गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का तिलकोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु उनका तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। गोरक्षपीठ में तिलकोत्सव की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
शाम चार बजे निकलेगी भव्य विजयादशमी शोभायात्रा
विजयादशमी का प्रमुख आकर्षण शाम चार बजे निकलने वाली पारंपरिक शोभायात्रा होगी। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरु गोरखनाथ का आशीर्वाद लेकर रथ पर सवार होंगे। तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे की धुन के बीच शोभायात्रा गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर की ओर रवाना होगी। मानसरोवर मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री देवाधिदेव महादेव और अन्य देव विग्रहों की पूजा-अर्चना तथा अभिषेक करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी।
रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का करेंगे राजतिलक
मानसरोवर रामलीला मैदान में चल रही रामलीला के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन कर आरती उतारी जाएगी। इस आयोजन के माध्यम से विजयादशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद शोभायात्रा वापस गोरखनाथ मंदिर पहुंचेगी।
शाम सात बजे से होगा पारंपरिक प्रसाद और भोज
गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी के अवसर पर शाम सात बजे से पारंपरिक प्रसाद वितरण और भोज का आयोजन किया जाएगा। इसमें गरीबों, ब्राह्मणों और अतिथियों को भोजन कराया जाएगा। इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की परंपरा है। गोरक्षपीठ का यह भोज सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता का संदेश देता है।
गोरक्षपीठ में नवरात्र की शक्ति उपासना का विशेष महत्व
शारदीय नवरात्र के दौरान गोरखनाथ मंदिर में शक्ति उपासना की विशेष परंपरा निभाई जाती है। नवरात्र की प्रतिपदा पर गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के शक्तिपीठ में विधि-विधान से कलश स्थापना की थी। महानवमी और विजयादशमी के अनुष्ठानों के साथ मंदिर में नवरात्र के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे। गोरखनाथ मंदिर में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम धार्मिक आस्था, नाथपंथ की परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।