भोपाल डेस्क। देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदल गया है। राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से जयपुर और अजमेर के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। मध्यप्रदेश में भी पिछले 24 घंटे के दौरान इंदौर-उज्जैन समेत 11 जिलों में बारिश दर्ज की गई। वहीं, उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है और केदारनाथ-बद्रीनाथ में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु के चेन्नई और कोयंबटूर में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने तमिलनाडु में आगे भी भारी बारिश की संभावना जताई है।
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर, जयपुर-अजमेर में बारिश और ओले
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जयपुर और अजमेर के कई इलाकों में रविवार को बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में बदलाव आया है और मौसम सुहावना हो गया है।मौसम में आए इस बदलाव का असर यातायात और सामान्य जनजीवन पर भी पड़ सकता है। राजस्थान में मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
मध्यप्रदेश के 11 जिलों में हुई बारिश
मध्यप्रदेश में भी मौसम ने करवट ली है। पिछले 24 घंटे में इंदौर और उज्जैन समेत प्रदेश के 11 जिलों में बारिश दर्ज की गई। अक्टूबर में हो रही बारिश से मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है।बारिश और बादलों की आवाजाही से दिन और रात के तापमान में बदलाव देखने को मिल सकता है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की जरूरत है।
केदारनाथ-बद्रीनाथ में माइनस में पहुंचा तापमान
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर बढ़ने लगा है। मसूरी और नैनीताल में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। वहीं, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है।पहाड़ी इलाकों में सुबह और रात के समय ठंड ज्यादा महसूस हो रही है। चारधाम यात्रा या ऊंचाई वाले क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को गर्म कपड़े साथ रखने और स्थानीय मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
चेन्नई और कोयंबटूर में भारी बारिश, कई इलाकों में जलभराव
तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून सक्रिय है। चेन्नई समेत कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में 24 अक्टूबर तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। चेन्नई में 19 से 21 अक्टूबर के बीच भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। वाहन चालकों को पानी से भरी सड़कों पर सावधानी बरतनी चाहिए और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।