रायपुर - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज शैफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को नौ विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने महज 25 गेंदों पर 55 रन बनाए। अपनी इस पारी में शैफाली ने छह चौके और चार छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 103 रनों का लक्ष्य सिर्फ 8.5 ओवर में हासिल कर लिया।
25 गेंदों पर 55 रन, गेंदबाजों पर बरसीं शैफाली
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शैफाली वर्मा और कप्तान स्मृति मंधाना ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। शैफाली ने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और सिर्फ 25 गेंदों में 55 रन बनाकर भारत की जीत की राह आसान कर दी।
दूसरी ओर, स्मृति मंधाना ने भी शानदार बल्लेबाजी की। वह 25 गेंदों पर 47 रन बनाकर नाबाद रहीं। दोनों के बीच हुई 96 रनों की साझेदारी ने मुकाबले को एकतरफा बना दिया। भारत ने यह मैच नौ विकेट से जीतकर तीन मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली।
स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड तोड़कर नंबर-1 बनीं शैफाली
इस पारी के साथ शैफाली ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा 50 या उससे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। साल 2026 में वह अब तक नौ बार 50+ स्कोर बना चुकी हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड स्मृति मंधाना के नाम था, जिन्होंने 2024 में आठ बार यह उपलब्धि हासिल की थी।
शैफाली की यह उपलब्धि उनके शानदार फॉर्म को दर्शाती है। लगातार बड़े स्कोर बनाकर उन्होंने टीम के शीर्ष क्रम को मजबूती दी है और भारतीय महिला क्रिकेट में अपनी अहम भूमिका को फिर साबित किया है।
एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी
शैफाली के नाम 2026 में महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जिम्बाब्वे के खिलाफ इस मुकाबले के बाद उनके साल के कुल रन 922 हो गए। इस सूची में लॉरा वोल्वार्ट और स्मृति मंधाना भी प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल हैं।
भारतीय टीम की सीरीज में निर्णायक बढ़त
जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 में भारतीय गेंदबाजों ने भी प्रभावी प्रदर्शन किया और विपक्षी टीम को 20 ओवर में 102/8 के स्कोर पर रोक दिया। इसके बाद बल्लेबाजों ने तेजी से लक्ष्य हासिल कर टीम को शानदार जीत दिलाई। शैफाली की विस्फोटक पारी और मंधाना के साथ उनकी साझेदारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। भारतीय टीम अब सीरीज में 2-0 से आगे है, जबकि शैफाली के रिकॉर्ड ने इस जीत को और खास बना दिया है।