नई दिल्ली - केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत में कथित ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की साजिश को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सरकार बदलने का एकमात्र लोकतांत्रिक रास्ता जनता का वोट और निष्पक्ष चुनाव हैं। रिजिजू ने विदेशी ताकतों और फंडिंग के जरिए सत्ता परिवर्तन की कोशिशों के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में राजनीतिक बदलाव चुनावी प्रक्रिया से ही संभव है।
‘भारत न बांग्लादेश है, न फ्रांस’
रिजिजू ने सोशल मीडिया पर साझा अपने बयान में बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाओं और फ्रांस में हुए दंगों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में भी इसी तरह की अराजकता फैलाने की योजना बनाई गई थी। उनके मुताबिक, कुछ भारत-विरोधी समूहों और नेताओं ने युवाओं को भड़काकर सड़कों पर हिंसा फैलाने की कोशिश की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूसरे देशों की घटनाओं के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत में सत्ता परिवर्तन चुनाव के माध्यम से ही हो सकता है।
सोरोस का नाम लेकर लगाए आरोप
अपने बयान में रिजिजू ने अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन किसी बाहरी व्यक्ति या विदेशी प्रभाव के जरिए नहीं किया जा सकता। उनका संदेश था कि देश की सरकार का फैसला भारतीय मतदाता करते हैं, न कि विदेशी ताकतें। हालांकि, भारत में कथित तौर पर हिंसा फैलाने की किसी योजना या विदेशी फंडिंग से सत्ता परिवर्तन की साजिश के आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र प्रमाण और संबंधित एजेंसियों की जानकारी जरूरी है। रिजिजू के बयान में लगाए गए आरोपों को फिलहाल उनके राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कई देशों में विरोध प्रदर्शनों का हवाला
रिजिजू ने अपने बयान में फ्रांस और बांग्लादेश के अलावा दुनिया के कई देशों में जारी विरोध प्रदर्शनों और तनावपूर्ण हालात का भी जिक्र किया। महंगाई, बेरोजगारी, आवास संकट और सरकारी नीतियों के विरोध जैसे मुद्दों पर विभिन्न देशों में प्रदर्शन होते रहे हैं। कुछ स्थानों पर विरोध के दौरान हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, अलग-अलग देशों में प्रदर्शनों के कारण और परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं। इसलिए उन्हें किसी एक साझा साजिश का हिस्सा मानने के लिए ठोस सबूतों की जरूरत होगी।
चुनावी प्रक्रिया पर जोर
केंद्रीय मंत्री के बयान का मुख्य संदेश यह है कि भारत में सरकार बनाने और बदलने का अधिकार मतदाताओं के पास है। भारतीय लोकतंत्र में चुनाव, संवैधानिक संस्थाएं और कानूनी प्रक्रिया सत्ता परिवर्तन के प्रमुख माध्यम हैं।
रिजिजू की टिप्पणी ने विदेशी हस्तक्षेप, राजनीतिक विरोध और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों और कथित साजिश के दावों का आकलन आधिकारिक जानकारी तथा स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।