लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वी यूपी और बुंदेलखंड के किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में नई पहल को गति देने जा रही है। UP-AGREES परियोजना के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 और बुंदेलखंड के 7 जिलों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्व बैंक समर्थित इस परियोजना के तहत कृषि क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ पहुंचाने के साथ उनकी आय में सतत वृद्धि और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
UPDASP के साथ होगा समझौता
इस पहल के तहत UPDASP (उत्तर प्रदेश विविधीकृत कृषि सहायता परियोजना) के साथ Global Network for Humanity, ITC और Emprise के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
इस समझौते के माध्यम से किसानों को कृषि क्षेत्र में नई तकनीक, डिजिटल सेवाओं और बाजार से जुड़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा। साथ ही कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और निर्यात के अवसर विकसित करने पर भी फोकस रहेगा।
मछली पालन समेत कृषि आधारित गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
UP-AGREES परियोजना के तहत खेती के साथ-साथ मछली पालन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की योजना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना है।
डिजिटल कृषि सेवाओं का विस्तार कर किसानों तक आधुनिक तकनीक और जरूरी जानकारी पहुंचाई जाएगी। इससे कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ किसानों को बदलते बाजार और नई कृषि पद्धतियों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।
28 जिलों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य
परियोजना के तहत पूर्वी यूपी के 21 और बुंदेलखंड के 7 जिलों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। सरकार की इस पहल का व्यापक उद्देश्य ‘खुशहाल अन्नदाता-भारत के भाग्यविधाता’ के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि लाना है।
आज लखनऊ में होगा कार्यक्रम
इस पहल से संबंधित कार्यक्रम 26 अगस्त 2026 को दोपहर 3 बजे लखनऊ स्थित 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में संबंधित संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के साथ कृषि क्षेत्र को आधुनिक और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।