लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 सिपाही नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा सोमवार से शुरू हो रही है। यह परीक्षा 8, 9 और 10 जून तक चलेगी और प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी। भर्ती बोर्ड के अनुसार करीब 28.65 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जबकि अब तक 16 लाख से अधिक उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर चुके हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रदेशभर में व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गई है।
तीन दिन तक चलेगी परीक्षा, हर पाली में शामिल होंगे लाखों अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित यह परीक्षा तीन दिनों तक चलेगी। परीक्षा की प्रत्येक पाली में करीब 4.90 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। भर्ती बोर्ड ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 1183 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के शामिल होने के कारण प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
आधार सत्यापन, ई-केवाईसी और आइरिस स्कैन के बाद मिलेगा प्रवेश
भर्ती बोर्ड ने परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता रोकने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की है। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों के आधार कार्ड का सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही ई-केवाईसी और आइरिस स्कैनिंग की प्रक्रिया भी अनिवार्य होगी। अधिकारियों के अनुसार सभी अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा। भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने बताया कि परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहेगा भारी पुलिस बल
भर्ती परीक्षा को देखते हुए रविवार शाम से ही परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती शुरू कर दी गई है। स्थानीय पुलिस और एसटीएफ की टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की कोशिश को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सभी केंद्रों पर कड़ी चेकिंग की जाएगी।
महिला अभ्यर्थियों को मिली विशेष सुविधा
महिला अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भर्ती बोर्ड ने उनके गृह मंडल के जिलों में ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए हैं। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि धार्मिक प्रतीकों जैसे कलावा, मंगलसूत्र आदि पहनकर आने पर कोई रोक नहीं होगी। हालांकि सभी उम्मीदवारों की हाईटेक उपकरणों से जांच की जाएगी ताकि परीक्षा की शुचिता बनी रहे।
रेलवे और जीआरपी अलर्ट, स्टेशनों पर बनाई गई हेल्प डेस्क
परीक्षा में शामिल होने के लिए लाखों अभ्यर्थियों के सफर को देखते हुए रेलवे प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। चारबाग और लखनऊ जंक्शन समेत प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर विशेष हेल्प डेस्क बनाई गई हैं। यहां परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के रास्ते और परिवहन संबंधी जानकारी दी जाएगी। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी के अतिरिक्त जवान भी तैनात किए गए हैं ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अतिरिक्त टिकट काउंटर और चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध
रेलवे प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले हैं ताकि टिकट लेने में अधिक समय न लगे। इसके अलावा स्टेशन परिसर में डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है। जरूरत पड़ने पर ट्रेनों में अतिरिक्त कोच लगाने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। रेलवे अधिकारियों ने ऑटो और टेम्पो यूनियनों के साथ बैठक कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि परीक्षार्थियों से निर्धारित किराया ही लिया जाए और किसी प्रकार की मनमानी वसूली न हो।