Lucknow | उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों को लेकर चल रही सियासी हलचल के बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के एक बयान ने तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। मंगलवार को अखिलेश यादव ने कहा कि अब समाजवादी पार्टी का फोकस तीन राज्यसभा सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर है। उनके इस बयान को पार्टी के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अगर सपा तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारती है, तो राज्यसभा की 10 सीटों पर मुकाबले की स्थिति नहीं बनेगी और भाजपा के आठ तथा सपा के दो उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि अंतिम स्थिति नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और उम्मीदवारों की वैधता तय होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
अखिलेश बोले- तीन नहीं, अब 403 पर फोकस
दरअसल, सोमवार तक सपा की ओर से तीसरे उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं जारी थीं। पार्टी ने पहले संकेत दिया था कि मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जा सकता है। ऐसे में अखिलेश यादव के नए बयान को काफी अहम माना जा रहा है। अखिलेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अब उनका फोकस तीन सीटों पर नहीं, बल्कि 403 सीटों पर है। यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।
सपा के दो उम्मीदवार पहले ही कर चुके हैं नामांकन
समाजवादी पार्टी ने राज्यसभा चुनाव के लिए पहले ही दो उम्मीदवार घोषित किए थे। इनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारी धनराज परिमल नथवानी शामिल हैं। दोनों उम्मीदवारों ने 30 सितंबर को अपना नामांकन दाखिल किया था। उस दौरान अखिलेश यादव भी मौजूद रहे थे। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर सपा के दो उम्मीदवारों की जीत की स्थिति मजबूत मानी जा रही है।
भाजपा ने उतारे हैं आठ उम्मीदवार
भाजपा ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। पार्टी की सूची में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
भाजपा की सूची में तीन OBC, दो दलित और तीन सामान्य वर्ग के उम्मीदवार शामिल हैं। इनमें दो महिला उम्मीदवार भी हैं। पार्टी ने इस बार उत्तर प्रदेश से अपने मौजूदा राज्यसभा सदस्यों में से किसी को दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाया है।
16 अक्टूबर को होना है राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होना निर्धारित है। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। यदि सपा तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारती है, तो 10 सीटों के लिए कुल 10 उम्मीदवार रहेंगे। ऐसी स्थिति में मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी और सभी उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता खुल जाएगा।
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव का हमला
राज्यसभा चुनाव के बीच अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रस्तावित मार्च में शामिल होने से पहले उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए अखिलेश ने आरोप लगाया कि आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जाहिर कीं। उन्होंने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की अवधारणा पर भी सवाल उठाते हुए इसे लेकर राजनीतिक आरोप लगाए। ये आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान हैं; चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े उनके आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि उनके बयान के तौर पर देखा जाना चाहिए।
अब नजर विधानसभा चुनाव पर
अखिलेश यादव का ‘तीन नहीं, 403’ वाला बयान राज्यसभा चुनाव की मौजूदा चर्चा को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की व्यापक राजनीतिक लड़ाई से जोड़ता है। हालांकि सपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर अंतिम स्थिति नामांकन की समयसीमा समाप्त होने के बाद ही आधिकारिक रूप से स्पष्ट होगी। फिलहाल भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवार मैदान में हैं। तीसरा उम्मीदवार नहीं आने की स्थिति में राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की संभावना बनेगी।