नगर निगम की ओर से लगाए गए यूजर चार्ज को लेकर शहर की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने इस फैसले के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलते हुए इसे आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ करार दिया है। पार्टी नेताओं ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए यूजर चार्ज की वसूली तत्काल बंद करने की मांग की है।
राशि वसूलना का आरोप
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी और कांग्रेस नेता एवं पूर्व महापौर गौरव गोयल ने संयुक्त रूप से कहा कि शहरवासी पहले से ही हाउस टैक्स वाटर टैक्स और सीवरेज टैक्स का नियमित भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में यूजर चार्ज के नाम पर अलग से राशि वसूलना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उनका कहना है कि जनता से एक ही तरह की सेवाओं के लिए बार-बार शुल्क लेना अन्यायपूर्ण है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम शहरवासियों को अभी तक बेहतर सफाई व्यवस्था नियमित पेयजल आपूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि जब मूलभूत सुविधाएं ही संतोषजनक नहीं हैं तब अतिरिक्त यूजर चार्ज लगाना जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने जैसा है।
नगर निगम का फैसला
उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के दौर में आम नागरिक पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहा है। ऐसे समय में नगर निगम का यह फैसला लोगों की परेशानियों को और बढ़ाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि जनता की सुविधा सुनिश्चित करने के बजाय उस पर नए-नए शुल्क थोपे जा रहे हैं जो पूरी तरह जनविरोधी है।
कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम प्रशासन से घरेलू उपभोक्ताओं पर लगाए गए यूजर चार्ज को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सड़क से लेकर हर मंच तक मजबूती के साथ उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी किए जाएंगे।
व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की अपील
कांग्रेस ने नगर निगम से जनता के हितों को प्राथमिकता देते हुए यूजर चार्ज की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की अपील की है। वहीं इस मुद्दे को लेकर शहर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है और अब सभी की नजर नगर निगम के अगले कदम पर टिकी है।