चंपावत : जनपद चंपावत के खुनाड़ी बिलौटासौन ग्राम पंचायत डिंगडई क्षेत्र में धामीसौन नदी से हो रहे लगातार भू-कटाव की समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। किसानों की कृषि भूमि को हो रहे नुकसान का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों के साथ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
धामीसौन नदी से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी और जिला खान अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचकर धामीसौन नदी से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भू-कटाव से प्रभावित कृषि भूमि का अवलोकन किया और स्थानीय किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और परेशानियों की जानकारी ली।
किसानों ने जिलाधिकारी को बताया कि वर्ष 2021 की आपदा के बाद से धामीसौन नदी के कटाव की समस्या लगातार बनी हुई है जिससे उनकी कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने खेतों की सुरक्षा के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग रखी।
भू-कटाव की रोकथाम के लिए परीक्षण
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि भू-कटाव की रोकथाम के लिए क्षेत्र का तकनीकी परीक्षण कराया जाए और प्रभावी व स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव जल्द तैयार किए जाएं।
उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा ताकि किसानों की भूमि को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुरक्षा दीवार बनाने की मांग
गौरतलब है कि खुनाड़ी बिलौटासौन ग्राम पंचायत डिंगडई निवासी दुर्गा नंदन खर्कवाल ने जनता मिलन कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी को आवेदन देकर धामीसौन नदी से हो रहे भू-कटाव की समस्या से अवगत कराया था। उन्होंने वर्ष 2021 की आपदा के बाद लगातार हो रहे कटाव से खेतों को बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने की मांग की थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रशासन के इस कदम से प्रभावित किसानों को जल्द समाधान मिलने की उम्मीद जगी है।