चंपावत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खेल प्रतिभाओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में स्थापित प्रदेश के पहले मां पूर्णागिरि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जनपदों से चयनित होकर आईं 30 बालिकाओं में से उपस्थित 27 खिलाड़ियों से संवाद कर उनका हालचाल जाना और कॉलेज में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।
व्यवस्थाओं का लिया फीडबैक
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बालिकाओं से प्रशिक्षण हॉस्टल भोजन खेल परिसर और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। खिलाड़ियों ने बताया कि उन्हें कॉलेज में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर आवास पौष्टिक भोजन और खेलों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अनुशासन समर्पण और नियमित अभ्यास के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने तथा प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने मेस में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता स्मार्ट क्लासरूम छात्रावास खेल परिसर सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को इन व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।
पर्यटन स्थलों का भ्रमण
उन्होंने जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन बिष्ट को निर्देशित किया कि खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ बालिकाओं को चंपावत के प्रमुख ऐतिहासिक धार्मिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाए ताकि वे जनपद की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से परिचित हो सकें। साथ ही खिलाड़ियों की पढ़ाई के लिए स्थानीय विद्यालय तक आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से एक से दो दिनों के भीतर बस परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है बल्कि यह व्यक्तित्व विकास अनुशासन और आत्मविश्वास का भी सशक्त आधार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है तथा महिला स्पोर्ट्स कॉलेज इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि कॉलेज में अब तक 28 बालिका खिलाड़ियों का चयन हो चुका है जबकि दो अन्य खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान सत्र में बॉक्सिंग एथलेटिक्स और बैडमिंटन की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। इन खेलों के लिए तीन अनुभवी महिला कोच नियुक्त की गई हैं जो प्रतिदिन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रही हैं।
खिलाड़ी करेंगे प्रदेश का नाम रोशन
प्रधानाचार्य ने कहा कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना धामी सरकार की खेलों को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि यहां प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। अगले वर्ष महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद फुटबॉल हॉकी बास्केटबॉल शूटिंग और टेबल टेनिस सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलेज परिसर में 300 महिला खिलाड़ियों की क्षमता वाले आधुनिक छात्रावास और अन्य आवश्यक सुविधाओं का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। प्रदेश के पहले महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का नाम मां पूर्णागिरि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज रखा गया है।