उत्तरकाशी : गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास हुए भू-धंसाव के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और राहत कार्यों को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सड़क की स्थिति कटाव से बने खतरे और मौके पर चल रहे राहत एवं सुधार कार्यों की समीक्षा की।
मलबा हटाने का कार्यों
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सीमा सड़क संगठन BRO आपदा प्रबंधन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील हिस्सों में मलबा हटाने और सुरक्षात्मक कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रशासन के अनुसार फिलहाल गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल कर दिया गया है। हालांकि प्रभावित क्षेत्र में स्थायी सुधार और सड़क को सुरक्षित बनाने का कार्य लगातार जारी है। इसके लिए भारी मशीनों की मदद ली जा रही है और संबंधित विभाग मौके पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि कांवड़ यात्रियों चारधाम यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र के दोनों ओर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
डीएम ने जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सतर्क रहने और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और BRO की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर काम कर रही हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम को लेकर अपील
उन्होंने यात्रियों और आम लोगों से अपील की कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें। साथ ही प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम बनी रहे।
प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और मार्ग को सुरक्षित बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।