गदरपुर : ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। गुलरभोज बोर जलाशय से कठपुलिया गांव तक सड़क का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा है जिसके चलते करीब आठ गांवों के हजारों ग्रामीण रोजाना भारी परेशानियों का सामना करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम में यह मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है जिससे गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से लगभग कट जाता है।
कांग्रेस सरकार ने दी सड़क को मंजूरी
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 15 वर्षों से इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक अरविंद पांडे भी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं करा सके। उनका कहना है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान इस सड़क को मंजूरी मिल गई थी लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया।
सड़क न होने का सबसे अधिक असर ग्रामीणों की दैनिक जिंदगी पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने बच्चों को स्कूल भेजने मरीजों को अस्पताल ले जाने और बाजार जाने के लिए लोगों को करीब दो किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। बरसात के दौरान रास्ता जलमग्न होने से आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है जिससे ग्रामीणों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में क्षेत्र के सांसद विधायक और ब्लॉक प्रमुख सभी भारतीय जनता पार्टी से हैं लेकिन इसके बावजूद वर्षों पुरानी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। उनका आरोप है कि कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग की गई लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था और मतदान नहीं किया। उनका मानना था कि इससे उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचेगी लेकिन इसके बावजूद आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका।
ग्रामीणों में भारी नाराजगी
अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण शुरू नहीं कराया गया तो वे बड़े स्तर पर जनआंदोलन करेंगे। उनका कहना है कि वर्षों से बुनियादी सुविधा से वंचित रहने के कारण लोगों में भारी नाराजगी है और अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए।