हरिद्वार : कांवड़ यात्रा 2026 अपने चरम पर पहुंच चुकी है। हरिद्वार से लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
यातायात मार्गों का निरीक्षण
इसी क्रम में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कांवड़ पटरी और प्रमुख यातायात मार्गों का निरीक्षण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों से सुरक्षा यातायात प्रबंधन पेयजल स्वच्छता चिकित्सा सुविधाओं तथा अन्य जनसुविधाओं की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखी जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कांवड़ मार्ग पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि अब तक करीब 10 लाख कांवड़ यात्री हरिद्वार से गंगाजल लेकर सकुशल अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए अधिकारियों को लगातार फील्ड में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा यातायात नियंत्रण पेयजल स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। साथ ही प्रत्येक व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित सुगम और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
नियमों का अनुपालन करने की अपील
जिला प्रशासन ने सभी कांवड़ यात्रियों से निर्धारित मार्गों का पालन करने यातायात नियमों का अनुपालन करने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की है जिससे यात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनी रहे।