हरिद्वार : कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है। करोड़ों कांवड़ियों के हरिद्वार पहुंचने की संभावना के बीच सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा तक पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि इस बार कांवड़ मेले में 4 से 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी बड़े स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।
कांवड़ियों की भीड़ उमड़ी
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है। 20 तारीख से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचकर गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं की संख्या 4 से 4.5 करोड़ तक पहुंच सकती है। पंचक खत्म होने के बाद भीड़ में अचानक बड़ा उछाल आने की संभावना है।बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। प्रशासन ने कांवड़ पटरी मार्ग समेत आसपास के जिलों और राज्यों के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।
मेडिकल पैरामेडिकल की तैनाती
वहीं करोड़ों श्रद्धालुओं की सेहत को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारियां की हैं। यात्रा मार्ग पर 32 मेडिकल रिलीफ पोस्ट बनाई जा रही हैं। इनमें 27 सरकारी और 5 निजी मेडिकल रिलीफ पोस्ट शामिल हैं। 400 से ज्यादा मेडिकल पैरामेडिकल और फोर्थ क्लास कर्मचारी तैनात रहेंगे। 40 से 50 एंबुलेंस के साथ 108 आपातकालीन सेवा भी मुस्तैद रहेगी। कांवड़ियों को साफ-सुथरा और सुरक्षित भोजन मिले इसके लिए खाद्य सुरक्षा विभाग भी अलर्ट मोड पर है। 15 तारीख से लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। चार विशेष टीमें कांवड़ मार्ग के होटल ढाबों और रेस्टोरेंट की जांच कर रही हैं। अब तक 40 खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 14 मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
सुरक्षा स्वास्थ्य पर पूरा फोकस
कुल मिलाकर करोड़ों कांवड़ियों की आस्था के इस महापर्व को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार प्रशासन ने सुरक्षा स्वास्थ्य और खाद्य व्यवस्था पर पूरा फोकस किया है। अब नजर इस बात पर है कि पंचक के बाद बढ़ने वाली भीड़ को प्रशासन किस तरह संभालता है।