हरिद्वार : कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा से लेकर गंगा घाटों की सुरक्षा तक व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।
मिलावटी भोजन परोसने वालों के खिलाफ कार्रवाई
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्त निर्देश जारी करते हुए होटल ढाबों रेस्टोरेंट और भोजनालयों में मिलावटी या घटिया गुणवत्ता का भोजन परोसने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले 10 से 15 दिनों के दौरान दूध पनीर मावा और अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया है। जांच के दौरान कई नमूने लिए गए जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले कई कारोबारियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने की अपील
डीएम मयूर दीक्षित ने सभी होटल ढाबा और भोजनालय संचालकों से साफ-सुथरा एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने निर्धारित दरों की रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और कांवड़ियों के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं लगातार हो रही बारिश और गंगा तथा उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत कर दी है। हरकी पैड़ी सहित प्रमुख घाटों और नहर पटरियों पर चेतावनी संबंधी साइनेज सुरक्षा रेलिंग और लोहे की जंजीरें लगाई गई हैं ताकि श्रद्धालु सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान कर सकें और किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर
प्रशासन के अनुसार सभी सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आपदा नियंत्रण कक्ष कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है और जलस्तर सहित सभी संवेदनशील स्थानों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें और केवल निर्धारित स्थानों पर ही स्नान एवं विश्राम करें। प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।