हरिद्वार कांवड़ यात्रा को लेकर परशुराम अखाड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए धार्मिक आयोजनों की मर्यादा और गरिमा बनाए रखने की अपील की है। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान अखाड़े के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना इष्ट देव होता है और भगवान की पूजा पूरी श्रद्धा आस्था और मर्यादा के साथ की जानी चाहिए।
धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन
अखाड़े के पदाधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ लोगों द्वारा की जाने वाली आपत्तिजनक वेशभूषा और नृत्य को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा एक धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन है इसलिए इसमें आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को इसकी पवित्रता और परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि परशुराम अखाड़ा लंबे समय से धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने और आपत्तिजनक गतिविधियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अखाड़े ने कहा कि धार्मिक यात्राओं और आयोजनों में अनुशासन श्रद्धा और मर्यादा का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।
अखाड़े ने की पत्रकार वार्ता
पत्रकार वार्ता के दौरान अखाड़े के पदाधिकारियों ने कांवड़ यात्रा में शामिल होने वाले कुछ लोगों की मंशा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य आस्था और भक्ति है इसलिए ऐसे आयोजनों को किसी भी प्रकार की अशोभनीय गतिविधियों से दूर रखा जाना चाहिए।
अखाड़े ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करें तथा यात्रा की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि भगवान की आराधना श्रद्धा और मर्यादा के साथ ही फलदायी होती है और सभी को धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रयास करना चाहिए।