सितारगंज : तहसील में बिजिलेंस नें तहसील के संग्रह कक्षा में रंगे हाथों दो तहसील कर्मियों को पकड़ा है जिसमें संग्रह अमीन मदन शर्मा और तहसील बड़े बाबू उपेंद्र राणा शामिल है। शिकायतकर्ता द्वारा सतर्कता अधिष्ठान पर भूमि के कुर्क करने के आदेश को खारिज करने के लिए लिए धनराशि मांगी गई थी जिस पर विजिलेंस में सितारगंज के संग्रह कार्यालय में संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र राणा को 16 हजार रुपए के साथ विजिलेंस टीम नें पकड़ा है उधर इस कार्रवाई के बाद तहसील कर्मियों ने इस कार्रवाई को फर्जी करार दिया है
शिकायतकर्ता ने रचा षड्यंत्र
तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया शिकायतकर्ता तहसील का बकाया दार है तहसील कर्मी द्वारा बार-बार उनके घर पर जाकर और बार-बार फोन करने के बाद भी वह तहसील की बकाया धनराशि जमा नहीं कर रहे थे बार-बार तहसील कर्मियों द्वारा फोन करने से नाराज शिकायतकर्ता ने षड्यंत्र के तहत संग्रह अमीन और सहायक को संग्रह कार्यालय में 16 हजार रूपये देकर रशीद काटने की बात कही जिसके बाद संग्रह अमीन द्वारा जैसे ही रसीद काटने चले तभी फ़ौरन विजिलेंस टीम आ गई और उन्होंने पकड़ लिया उधर इस कार्रवाई की सच्चाई पता लगने के बाद पूरी तहसील में विजिलेंस टीम के प्रति नाराजगी देखी गई हालांकि तहसील कर्मियों द्वारा कोई भी विजिलेंस टीम का विरोध नहीं किया गया
तहसीलदार ने दिया पक्ष
उधर तहसीलदार हिमांशु जोशी का कहना है कि करता की 6 लख रुपए की आरसी कटी है जिसमें संग्रह शुल्क जमा करना होता है संग्रह कक्ष में प्रतिदिन किसान अपनी बैंक व्यापार कर परिवहन विद्युत जैसे अन्य मदो में बकाया धनराशि नगद जमा करने आते हैं विजिलेंस टीम नें संग्रह कक्ष से उन कर्मचारियों को पकड़ा है जो प्रतिदिन सरकार के राजस्व की वसूली करते हैं उन्होंने कहा अगर इस तरह से विजिलेंस टीम कार्रवाई करेगी तो संग्रह कार्यालय में कौन से कर्मचारी सरकार के राजस्व की वसूली में कार्यरत होंगे।