थराली : थराली विकासखंड सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत बीडीसी की बैठक भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होते ही क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने राज्य वित्त एवं 15वें वित्त आयोग के तहत धन आवंटन में कथित भेदभाव और सोलर स्ट्रीट लाइटों की खरीद में अनियमितता का आरोप लगाते हुए इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। विवाद इतना बढ़ गया कि करीब दो घंटे तक सदन में शोर-शराबा और नारेबाजी होती रही। अंततः ब्लॉक प्रमुख को बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करनी पड़ी।
भावना रावत का आरोप
बैठक की शुरुआत में चिडिंगा से क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश जोशी और ग्वालदम से क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना रावत ने आरोप लगाया कि राज्य वित्त एवं 15वें वित्त आयोग की धनराशि के आवंटन में क्षेत्र पंचायत सदस्यों के साथ भेदभाव किया गया है। उन्होंने सोलर स्ट्रीट लाइटों की खरीद में भी गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पूरे मामले पर सदन में चर्चा कराने और जवाबदेही तय करने की मांग की।
इनकी मांग का समर्थन करते हुए बूंगा से क्षेत्र पंचायत सदस्य भानुप्रकाश बैनोली क्षेत्र पंचायत सदस्य मनमोहन रावत माल बज्वाड़ से क्षेत्र पंचायत सदस्य बबिता रावत तथा सूना से क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन देवराड़ी भी विरोध में उतर आए। सभी छह सदस्य पीठ के सामने धरने पर बैठ गए और आरोपों की जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने पर अड़े रहे।
सदस्यों के बीच नोकझोंक
करीब दो घंटे से अधिक समय तक चले हंगामे के दौरान कई बार बैठक की कार्यवाही शुरू कराने का प्रयास किया गया लेकिन विरोध कर रहे सदस्य अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित धरने पर बैठे क्षेत्र पंचायत सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
इसी बीच प्रधान संगठन ने भी विरोध जता रहे सदस्यों पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने बैठक के बहिष्कार की घोषणा करते हुए सदन से बाहर जाने का फैसला किया। इसके बाद लगातार जारी गतिरोध को देखते हुए ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
जनप्रतिनिधियों ने की अपील
हालांकि कई जनप्रतिनिधियों ने बैठक को सुचारु रूप से चलाने की अपील की। उनका कहना था कि सदन के माध्यम से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकाला जाना चाहिए। इसके बावजूद भारी हंगामे और गतिरोध के कारण बैठक आगे नहीं बढ़ सकी।
बैठक स्थगित होने के बाद धरने पर बैठे क्षेत्र पंचायत सदस्यों प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेंद्र रावत तथा ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित ने मीडिया के सामने अपने-अपने पक्ष रखे। विरोध कर रहे सदस्यों ने धन आवंटन में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई जबकि ब्लॉक प्रमुख ने अपने स्तर पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बैठक को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित कराने के प्रयासों की जानकारी दी।