उत्तरकाशी : जनपद के डुंडा तहसील क्षेत्र के निकट एक निजी स्कूल की लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के शिक्षक छात्र-छात्राओं को उफनती भागीरथी नदी के किनारे ले गए और वहीं बच्चों की पाठशाला शुरू कर दी। इस दौरान शिक्षक और बच्चे नदी किनारे फोटो खींचते हुए भी नजर आए। घटना की तस्वीरें सामने आने के बाद अब स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने मचाया शोर
जानकारी के अनुसार आसपास के ग्रामीण जब भागीरथी नदी किनारे जल भरने के लिए गए थे तो उन्होंने देखा कि कुछ बच्चे और शिक्षक नदी के बेहद करीब मौजूद हैं। ग्रामीणों के अनुसार शिक्षक बच्चों को नदी किनारे बैठाकर पढ़ा रहे थे और फोटो भी खींचे जा रहे थे। उफनती नदी और बढ़े हुए जलस्तर के बीच बच्चों को इस तरह नदी किनारे देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया जिसके बाद शिक्षक और छात्र वहां से वापस लौटे।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि आखिर निजी स्कूल प्रबंधन इस तरह की लापरवाही कैसे कर सकता है। उन्होंने कहा कि भागीरथी नदी इन दिनों उफान पर है और जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है। ऐसे में बच्चों को नदी किनारे ले जाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।
शिक्षकों से पूछा सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस दौरान कोई दुर्घटना हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। उन्होंने बताया कि जब बच्चे और शिक्षक वापस आए तो ग्रामीणों ने उनसे पूछा कि आखिर नदी किनारे किस तरह की पाठशाला संचालित की जा रही थी और बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज क्यों किया गया।
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में मनेरी बांध से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का बहाव और अधिक खतरनाक हो सकता है। ऐसे हालात में स्कूली बच्चों को उफनती भागीरथी नदी के किनारे ले जाना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
प्रशासन से जांच की मांग
ग्रामीणों ने इस मामले में स्कूल के संबंधित शिक्षकों और प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल मामले में स्कूल प्रबंधन या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि इस लापरवाही को लेकर संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करता है।