चंपावत जिले में जंगलों की आग बुझाने में अहम भूमिका निभाने वाले फायर वाचरों ने अब स्थायी रोजगार की मांग उठाई है। अपनी मांगों को लेकर फायर वाचरों ने जिलाधिकारी और प्रभागीय वन अधिकारी डीएफओ को पत्र भेजकर उन्हें वन प्रहरी या वन श्रमिक के रूप में नियमित किए जाने की अपील की है।
पर्यावरण संरक्षण में योगदान
फायर वाचरों का कहना है कि वे पिछले करीब 10 वर्षों से जंगलों को आग से बचाने और पर्यावरण संरक्षण में लगातार महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें साल में केवल लगभग पांच महीनों के लिए ही काम पर रखा जाता है जो उनके लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने बताया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जंगलों और वहां की भौगोलिक परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं जिससे वे आग पर काबू पाने में प्रभावी साबित होते हैं।
फायर वाचरों ने मांग की है कि जो कर्मचारी लंबे समय से इस कार्य में लगे हुए हैं उन्हें स्थायी रूप से वन श्रमिक या वन प्रहरी के रूप में नियुक्त किया जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें सालभर काम करने का अवसर मिले तो वे जंगलों की बेहतर देखभाल कर सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा पाएंगे।
फायर सीजन में वाचर तैनात
उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल उन्हें केवल फायर सीजन के दौरान ही वन विभाग द्वारा तैनात किया जाता है जब जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में उनकी सेवाएं सीमित समय तक ही ली जाती हैं।
फायर वाचरों ने जिलाधिकारी और डीएफओ चंपावत से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान निकालने की अपील की है ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके और वन संरक्षण कार्यों को भी मजबूती मिल सके।