लखनऊ हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) बबलू कुमार ने स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक बैठक बुलाई। बैठक का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूल खुलने-बंद होने के समय यातायात व्यवस्था सुचारू बनाना था।
बैठक में शामिल-
शहर के विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, उनके प्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी।
मुख्य निर्णय और निर्देश-
- सभी स्कूलों में नोडल यातायात अधिकारी नियुक्त होंगे, जो स्कूल खुलने और बंद होने के समय यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- जिन स्कूलों में यातायात व्यवस्था अभी तक सुचारू नहीं है, उन्हें तत्काल कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश।
- सभी स्कूलों में केन्द्रीयकृत एनाउंसमेंट सिस्टम लगाया जाएगा, ताकि अभिभावकों और वाहन चालकों को समय-समय पर जानकारी मिलती रहे।
- सड़क पर पार्किंग पर रोक, और वाहन केवल स्कूल परिसर में खड़े होंगे।
- कक्षा पांच तक के बच्चों को उनके वाहनों से स्कूल परिसर के अंदर उतारा जाएगा, ताकि सड़क पर जाम न बने।
- जिन स्कूलों के पास पार्किंग नहीं है, उन्हें वैकल्पिक स्थल चिन्हित करने और अभिभावकों को स्कूल बस या वैन का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश।
- सभी स्कूल 10 जनवरी तक कार्ययोजना तैयार करेंगे, जिसकी समीक्षा पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम करेगी।
संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और छात्र सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
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