मसूरी का सबसे पुराना और ऐतिहासिक लंढौर बाजार पिछले कई दशकों से विकास की राह देख रहा है लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। खराब सड़कों बड़े-बड़े गड्ढों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यहां का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई व्यापारी मजबूरी में पलायन करने को विवश हो गए हैं।
प्रशासन ने नहीं की ठोस कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से लगातार सड़क मरम्मत की मांग की जा रही है लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस मार्ग पर बने गड्ढों के कारण कई लोग चोटिल भी हो चुके हैं जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जोशीमठ में हुए भूधंसाव की घटना के बाद मसूरी क्षेत्र में भी विशेषज्ञ इंजीनियरों द्वारा सर्वे किया गया था लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसकी रिपोर्ट अब तक फाइलों में ही दबी हुई है और उस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसी बीच क्षेत्र में भूधंसाव के संकेत मिलने लगे हैं और आसपास के मकानों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं जिससे लोग दहशत में हैं।
अधिकारियों से कई बार वार्ता
स्थिति को लेकर नगर पालिका के अधिकारियों से कई बार वार्ता की जा चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकलने पर अब क्षेत्रवासियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोग आंदोलन की चेतावनी भी दे रहे हैं।
इसी क्रम में नगर पालिका सभासद गीता कुमाई द्वारा अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें लंढौर बाजार की सड़क की शीघ्र मरम्मत के साथ-साथ शहर के अन्य संपर्क मार्गों की भी तत्काल मरम्मत की मांग की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।