उत्तराखंड में भीषण गर्मी के बीच सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। राज्य के 275 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है जिससे शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
यूकेडी ने सरकार पर सवाल किए खड़े
इस मुद्दे को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल यूकेडी ने राज्य सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। यूकेडी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में कई स्कूल ऐसे हैं जहां विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है। कई स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है भवन जर्जर हालत में हैं और बालिकाओं के लिए अलग शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं।
स्कूलों में फर्नीचर की कमी
उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और कई स्कूलों में फर्नीचर की भी भारी कमी है। इन कमियों के कारण शिक्षा का माहौल प्रभावित हो रहा है और स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है जिसके चलते कई विद्यालयों में ताले लगने की स्थिति बन रही है। यूकेडी ने सरकार से मांग की है कि इन समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।