मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर पूरे प्रदेश में जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार के नाम से बड़ा आयोजन किया जा रहा है जिसमें अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि बड़े बड़े दावे कर रहे हैं वहीं हकीकत कुछ और ही है पटवारी चोकियां पड़ी खाली ग्रामीण तहसील के चक्कर मारने को मजबूर
क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी
जनपद उत्तरकाशी के डुण्डा विकास खंड के दूरस्थ क्षेत्र गाजणा की बात की जाए तो यहां पर लाखों रूपए खर्च करके कमद. श्रीकालखाल. एवं रातलधार में पटवारी चोकियो का निर्माण किया गया था पर इन चोकियो के निर्माण होने के कही साल बाद आज तक यहां पर कोई भी पटवारी यहां नहीं बैठा है जिसके कारण ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए तहसील के चक्कर काटने पड़ रहे हैं ग्रामीणों का कहना है कि एक छोटे से कागज के लिए उनका पूरा दिन बर्बाद हो जाता है
तहसीलदार डुण्डा अर्पिता गर्खाल से इस बारे में जानकारी ली तो उनका कहना है कि क्षेत्र में पहले पटवारियों की कमी थी जिसके कारण एक पटवारी के पास कही गांव का चार्ज था जिसके इन चोकियो पर पटवारी नहीं बैठ पा रहे थे और अब क्षेत्र में नये पटवारी आ गये है जो अब यहां बैठना शुरू कर देंगे वहीं गंगोत्री क्षेत्र के विधायक सुरेश चौहान से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने तुरंत पटवारियों को हफ्ते में तीन दिन इन चोटियों में बैठने का निर्देश दिया पर सावल यह उठ रहा है कि लाखों रूपए खर्च करके उद्घाटन के इन्तजार में जर्जर हालत में खडी इन चोकियो में तब अधिकारी नहीं बैठे जब इनकी स्थिति ठीक थी तो अब क्या गारंटी है कि इन जर्जर भवनों में अधिकारी बैठेंगे
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