मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में निजी बिजनेस पार्क विकास योजना और गेहूं खरीद नीति संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके अलावा आवास, ऊर्जा, माध्यमिक शिक्षा, लोक निर्माण, आइटी, गृह, नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभागों से जुड़े 21 और प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मुहर लग सकती है।
गेहूं खरीद नीति में बदलाव
रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय करने का प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष है। आमतौर पर सरकार किसानों से गेहूं खरीद के लिए बोरे उपलब्ध कराती है। वैश्विक परिस्थितियों के कारण बोरे महंगे होने पर सरकार अतिरिक्त धनराशि देने पर विचार कर सकती है।
निजी बिजनेस पार्क विकास योजना
उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्लग एंड प्ले मॉडल पर निजी विकासकर्ताओं द्वारा शेड वाले बिजनेस पार्क विकसित किए जाने की योजना के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिल सकती है। इसके तहत सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी और विकासकर्ता शेड व बुनियादी सुविधाएं तैयार करेंगे, जिन्हें निवेशकों को किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा।
अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव
माध्यमिक शिक्षा विभाग में एनसीसी निदेशालय के लिपिकीय वर्ग का पुनर्गठन, उत्तर प्रदेश सरकारी चीनी मिल्स संघ को गन्ना मूल्य भुगतान के लिए ऋण पर गारंटी, जल संरक्षण हेतु शोधित जल का गैर-पेय कार्यों में उपयोग की नीति, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कार्मिकों पर नियम लागू करना और संभल में गंगा एक्सप्रेसवे किनारे इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक एंड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमएलसी) की स्थापना संबंधी प्रस्तावों पर भी मंजूरी मिल सकती है।
इसके अलावा, इंटरनेशनल एक्ज़ीबिशन-कन्वेंशन सेंटर की 1400 करोड़ रुपये से अधिक की पुनरीक्षित लागत, प्राचीन धरोहर छतर मंजिल और रोशनउद्दौला कोठी को हेरिटेज पर्यटन के लिए विकसित करने, बुलंदशहर और खुर्जा विकास क्षेत्र में 14 गांवों को शामिल करने, गोरखपुर में 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट, नेवेली उत्तर प्रदेश में पछवारा साउथ कोल ब्लॉक का विकास और लखीमपुर खीरी में शारदा नदी पर सेतु व पहुंच मार्ग आदि के कार्यों के प्रस्तावों पर भी कैबिनेट की मंजूरी मिल सकती है।
मंत्रियों संग बैठक
कैबिनेट बैठक के बाद सुबह 11:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी मंत्रियों के साथ अलग बैठक करेंगे। इसमें सरकार के नौ वर्षों के कार्यों, प्रदेश के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री मंत्रियों से फीडबैक लेंगे और आगे के कामकाज के लिए दिशा-निर्देश भी देंगे।
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