उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फ्यूचर स्किल्स के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप सरकार एआई आधारित नवाचार, डिजिटल स्किल्स और रोजगारोन्मुख तकनीकी विकास को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस कर रही है।
एआई नवाचार पर राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन
इसी क्रम में मंगलवार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस द्वारा राज्य स्तरीय एआई-लेड इनोवेशन एंड कैपेसिटी बिल्डिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश-विदेश की दिग्गज टेक कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने एआई नवाचार और डिजिटल भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए।
तकनीकी विकास और रोजगार सृजन पर जोर
प्रमुख सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स) अनुराग यादव ने बताया कि सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल और फ्यूचर स्किल्स, क्षमता निर्माण तथा रोजगार सृजन जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्मेलन का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एआई इनोवेशन हब के रूप में विकसित करना, युवाओं और सरकारी अधिकारियों की डिजिटल दक्षता बढ़ाना तथा उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग स्थापित करना है।
वैश्विक टेक कंपनियों की सक्रिय भागीदारी
सम्मेलन में माइक्रोसॉफ्ट, टीसीएस, एचसीएल, गूगल, इंटेल और वाधवानी फाउंडेशन जैसी प्रमुख कंपनियों ने एआई आधारित समाधान, डिजिटल इकोसिस्टम और इंडस्ट्री-रेडी टैलेंट पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। इन कंपनियों ने एआई के व्यावहारिक उपयोग, स्किल डेवलपमेंट और भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं पर आधारित केस स्टडी भी प्रस्तुत कीं।
क्लाउड, ओपन-सोर्स और डिजिटल लर्निंग पर चर्चा
इसके साथ ही एनवीआईडीआईए, आईबीएम, रेड हैट, सिफी टेक्नोलॉजीज और वनएमवनबी फाउंडेशन ने क्लाउड कंप्यूटिंग, ओपन-सोर्स टेक्नोलॉजी, डिजिटल लर्निंग और वैश्विक स्किल प्लेटफॉर्म से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
आर्थिक विकास और सुशासन का आधार बनेगा एआई
विशेषज्ञों ने कहा कि एआई और उभरती तकनीकें उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सुशासन को मजबूत आधार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश का युवा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी रूप से सक्षम बने और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से राज्य की विकास यात्रा को नई गति मिले।
‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म पर विशेष सत्र
सम्मेलन के तकनीकी सत्रों में भारत सरकार के ‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म पर विशेष प्रस्तुति दी गई। इसमें बहुभाषी डिजिटल सशक्तिकरण और नागरिक सेवाओं में भाषा तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया, जो विविधता वाले बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
नासकॉम के साथ एमओयू
सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण सेंटर फॉर ई-गवर्नेंस और नासकॉम के बीच हुए एमओयू पर हस्ताक्षर रहा। नासकॉम के फ्यूचर स्किल्स प्राइम कार्यक्रम के तहत यह समझौता प्रदेश के युवाओं को उभरती तकनीकों में प्रशिक्षित करने, उद्योग-उपयोगी कौशल विकसित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में मदद करेगा।
‘एआई प्रज्ञा’ पहल की शुरुआत
सम्मेलन के अंतिम चरण में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने ‘एआई प्रज्ञा’ पहल की जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के 10 लाख नागरिकों को एआई साक्षरता से जोड़ना, उन्हें डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है।
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