रेजीनगर : पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों के बीच रेजीनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल में हलचल बढ़ा दी है। पुलिस ने शनिवार को उन्हें एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, मामला 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई दो गुटों की झड़प से संबंधित है।
नामांकन के कुछ दिन बाद हुई गिरफ्तारी
सैफुल इस्लाम ने रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव के लिए 14 सितंबर को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के कुछ ही दिनों बाद पुलिस ने उन्हें पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट के अनुसार, सैफुल इस्लाम का संबंध आम जनता उन्नयन पार्टी यानी AJUP से भी बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि संबंधित मामले में उनका नाम पहले से आरोपी के तौर पर दर्ज था।
2021 के चुनाव के दौरान हुई थी झड़प
पुलिस के अनुसार, जिस मामले में सैफुल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया है, वह 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई एक झड़प से जुड़ा है। उस दौरान दो गुटों के बीच विवाद और हिंसक टकराव की घटना सामने आई थी। इसी मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने सैफुल इस्लाम के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला बहरामपुर थाने में दर्ज बताया गया है।
हुमायूं कबीर की पार्टी से जुड़ा है नाम
सैफुल इस्लाम का नाम आम जनता उन्नयन पार्टी से भी जुड़ा बताया जा रहा है। इस पार्टी की अगुवाई हुमायूं कबीर करते हैं। रेजीनगर उपचुनाव में AJUP ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। हुमायूं कबीर के रेजीनगर विधानसभा सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी है।
नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी उम्मीदवार पर कार्रवाई
रेजीनगर में सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी भी पुराने मामलों को लेकर हुई थी। दोनों घटनाओं के चलते उपचुनाव से पहले उम्मीदवारों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। रेजीनगर और नंदीग्राम दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है।
हुमायूं कबीर को भी पुलिस ने भेजा नोटिस
इसी बीच बहरामपुर पुलिस ने आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को भी नोटिस जारी किया है। उन्हें 21 सितंबर को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने की कथित साजिश से संबंधित है। इस संबंध में 14 सितंबर को मामला दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
गिरफ्तारी को लेकर AJUP ने उठाए सवाल
सैफुल इस्लाम की गिरफ्तारी पर AJUP से जुड़े नेताओं ने सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के बीच पुराने मामलों में कार्रवाई की जा रही है और इसे राजनीतिक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी पहले से दर्ज मामले की जांच के तहत की गई है। राजनीतिक कार्रवाई से जुड़े पार्टी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।