कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से राज्य में 11 नए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा का नाम प्रमुख है, जिन्हें उनकी सख्त कार्यशैली के कारण ‘सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है।
संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी साउथ 24 परगना
चुनाव आयोग ने अजय पाल शर्मा को साउथ 24 परगना जिले की अहम जिम्मेदारी सौंपी है, जिसे चुनावी दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है। उनके साथ इस जिले में दो अन्य पुलिस ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जा सके तथा किसी भी अप्रिय स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया जा सके।
कौन हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा
लुधियाना मूल के अजय पाल शर्मा 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने शुरुआती शिक्षा के बाद पटियाला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से बीडीएस की डिग्री हासिल की और बाद में यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए। वर्तमान में वे प्रयागराज में एडिशनल पुलिस कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं।
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचान
अजय पाल शर्मा यूपी में कई बड़े ऑपरेशनों का हिस्सा रहे हैं और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के चलते उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर भी जाना जाता है। अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ उनकी कार्रवाई ने उन्हें ‘सिंघम’ की छवि दिलाई है। हाल ही में उन्हें आईजी पद पर पदोन्नति भी मिली है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
चुनाव आयोग की सख्त रणनीति
चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य दूसरे चरण के मतदान को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। इसके लिए संवेदनशील जिलों में अनुभवी और सख्त छवि वाले अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। अजय पाल शर्मा जैसे अधिकारियों की नियुक्ति को इसी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे किसी भी तरह की चुनावी हिंसा पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।