कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 15 साल बाद एक युग का अंत हो गया है। राज्य में 'भगवा तूफान' के चलते तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई है और बीजेपी पहली बार दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। इस ऐतिहासिक बदलाव के बीच राज्य सचिवालय 'नबान्न' में अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिल रहे हैं, जहाँ सुरक्षा की पूरी कमान अब केंद्रीय बलों ने संभाल ली है।
भवानीपुर में ममता की हार, शुभेंदु का डबल धमाका
इस चुनाव का सबसे बड़ा उलटफेर भवानीपुर विधानसभा केंद्र में देखने को मिला। नंदीग्राम की कहानी दोहराते हुए शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही घर में 15,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित कर दिया। शुभेंदु अधिकारी ने न केवल भवानीपुर बल्कि नंदीग्राम सीट पर भी जीत का परचम लहराया है। हार की खबरों के बीच ममता बनर्जी को अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के गणना केंद्र पर विरोध का सामना करना पड़ा।
नबान्न में सुरक्षा सख्त, राइटर्स की ओर नजरें
नबान्न के भीतर और बाहर अब केंद्रीय बलों का कड़ा पहरा है। आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है और बैगों की जांच की जा रही है। इस बीच, चर्चा तेज है कि नई बीजेपी सरकार नबान्न के बजाय ऐतिहासिक 'राइटर्स बिल्डिंग' से कामकाज संभाल सकती है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पहले ही संकेत दिया था कि 2026 में बीजेपी का मुख्यमंत्री राइटर्स बिल्डिंग से सरकार चलाएगा।
पीएम मोदी का संदेश और अगला कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत के बाद 'डर नहीं भविष्य' और 'बदला नहीं बदलाव' का संदेश दिया है। सत्ता गंवाने के साथ ही तृणमूल के 20 मंत्री भी चुनाव हार गए हैं। वहीं, वामपंथ और कांग्रेस ने भी विधानसभा में अपना खाता खोल लिया है। बीजेपी अब विधायक दल का नेता चुनने की प्रक्रिया में है, जिसके लिए अमित शाह या राजनाथ सिंह कोलकाता आ सकते हैं।