पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है. आजादी के बाद पहली बार राज्य में किसी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन (लोक भवन) से बाहर निकलकर कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है. भाजपा ने इस समारोह को सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि “जन-उत्सव” और बंगाली संस्कृति के महापर्व के रूप में पेश किया है.
बंगाल के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री बनेंगे शुभेंदु अधिकारी
शनिवार को शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे. राज्यपाल उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. इस मौके पर ब्रिगेड मैदान में सुबह से ही रवींद्र संगीत की धुनें गूंज रही हैं. समारोह में शामिल होने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए रसगुल्ले और झालमुड़ी जैसे बंगाल के पारंपरिक व्यंजनों की खास व्यवस्था की गयी है.
3 विशाल हैंगर और हाई-टेक मंच बना आकर्षण
ब्रिगेड परेड ग्राउंड को भव्य पंडाल और अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया है. शपथ ग्रहण के लिए तीन विशाल हैंगर तैयार किये गये हैं. बीच वाले मुख्य हैंगर में राज्यपाल शुभेंदु अधिकारी को शपथ दिलाएंगे. मंच पर हस्ताक्षर के लिए विशेष टेबल लगायी गयी है और पूरे मंच को हाई-टेक सुविधाओं से लैस किया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के लिए विशेष व्यवस्था
मंच के बायीं ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बैठने की विशेष व्यवस्था की गयी है. वहीं दूसरी ओर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के लिए सीटें आरक्षित हैं. बाकी दो हैंगरों में आमंत्रित मेहमानों और आम जनता के बैठने की व्यवस्था की गयी है.
रवींद्र जयंती के मौके पर दिखेगी बंगाल की सांस्कृतिक छटा
रवींद्र जयंती के विशेष अवसर पर पूरे कार्यक्रम में बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता दी गयी है. गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के गीतों से माहौल भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंगा हुआ है. मैदान के प्रवेश द्वारों को लोक संस्कृति दर्शाने वाली कलाकृतियों और चित्रों से सजाया गया है. जगह-जगह लगे रसगुल्ले और झालमुड़ी के स्टॉल लोगों का ध्यान खींच रहे हैं.
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किये हैं. लगभग 4000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है, जिनकी निगरानी एडीशनल और ज्वाइंट कमिश्नर स्तर के अधिकारी कर रहे हैं. पूरे मैदान में 1500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. ड्रोन और दूरबीन के जरिए ऊंची इमारतों से लगातार नजर रखी जा रही है.
डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और अस्थायी हेलीपैड
ब्रिगेड मैदान में प्रवेश के लिए डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाये गये हैं. हैंड मेटल डिटेक्टर से भी सघन जांच की जा रही है. वीवीआईपी मेहमानों की आवाजाही के लिए कार्यक्रम स्थल के पास अस्थायी हेलीपैड भी तैयार किया गया है.
राजभवन की परंपरा टूटी, लोकतंत्र पहुंचा जनता के बीच
आजादी के बाद डॉ बिधानचंद्र रॉय, सिद्धार्थ शंकर रॉय, ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी समेत सभी मुख्यमंत्रियों ने राजभवन में ही शपथ ली थी. भाजपा ने इस परंपरा को तोड़ते हुए शपथ ग्रहण को जन-समारोह का रूप दिया है. समारोह में उन शहीद कार्यकर्ताओं के परिजनों को भी विशेष आमंत्रण दिया गया है, जिन्होंने राजनीतिक संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवायी थी.