कोलकाता: कलकत्ता हाईकोर्ट में आठ नए न्यायाधीशों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। खास बात यह रही कि राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के महज करीब 12 घंटे के भीतर ही नए न्यायाधीशों का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया गया। न्यायिक नियुक्ति और शपथग्रहण की इतनी तेज प्रक्रिया ने कानूनी हलकों में खासा ध्यान खींचा है।
रिकॉर्ड तेजी से पूरी हुई नियुक्ति प्रक्रिया
आमतौर पर न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी मिलने और शपथग्रहण के बीच कुछ समय का अंतर रहता है। लेकिन इस बार राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बेहद कम समय में शपथग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। इसे न्यायिक प्रशासन में तेजी और सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।
हाईकोर्ट के कामकाज को मिलेगी रफ्तार
आठ नए न्यायाधीशों के कार्यभार संभालने से कलकत्ता हाईकोर्ट में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। जजों की संख्या बढ़ने से अदालत के मौजूदा कार्यभार को बांटने और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
समारोह में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
शपथग्रहण समारोह के दौरान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। नए न्यायाधीशों का स्वागत किया गया और उनके न्यायिक दायित्व संभालने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम
कानूनी जानकारों के मुताबिक, न्यायाधीशों की नियुक्ति और शपथग्रहण की प्रक्रिया में तेजी न्यायिक व्यवस्था को अधिक चुस्त बनाने में महत्वपूर्ण हो सकती है। नए जजों के आने से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है।