कोलकाता: कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट स्थित तृणमूल कांग्रेस कार्यालय के बाहर विवादित बिलबोर्ड हटाने को लेकर हुए हंगामे की जांच में अब पूर्व आईपीएस अधिकारी और पूर्व टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की भी एंट्री हो गई है। शेक्सपियर सरणी थाना पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस दिया है। पुलिस ने उन्हें बुधवार को जांच अधिकारियों के सामने पेश होने को कहा था, लेकिन कबीर ने तय तारीख से पहले ही सोमवार, 7 सितंबर को दोपहर करीब 1:30 बजे थाने पहुंचने की बात कही है।
तीसरी कोशिश में हुमायूं कबीर को मिला पुलिस का नोटिस
रविवार सुबह शेक्सपियर सरणी थाने की पुलिस टीम हुमायूं कबीर के कसबा स्थित आवास पर पहुंची। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस इससे पहले भी दो बार उनके घर पर नोटिस देने पहुंची थी, लेकिन उस समय कबीर वहां मौजूद नहीं थे। रविवार को पुलिस टीम के पहुंचने के दौरान कबीर घर पर थे। नोटिस उनके स्टाफ/ड्राइवर के माध्यम से प्राप्त कराया गया और कबीर ने उस पर हस्ताक्षर किए। पुलिस ने उन्हें जांच में शामिल होने का निर्देश दिया। हालांकि, कबीर ने पुलिस को बताया कि वह बुधवार तक इंतजार नहीं करेंगे और सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे ही शेक्सपियर सरणी थाने जाकर अपना बयान दर्ज कराएंगे।
27 अगस्त को क्या हुआ था कैमैक स्ट्रीट पर?
यह पूरा मामला 27 अगस्त को कैमैक स्ट्रीट स्थित उस इमारत में लगे टीएमसी के एक बड़े बिलबोर्ड को हटाने की कार्रवाई से जुड़ा है, जहां पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी का कार्यालय है। कोलकाता नगर निगम (KMC) की टीम पुलिस के साथ बिलबोर्ड हटाने पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार, बिलबोर्ड नियमों के अनुरूप नहीं था। कार्रवाई के दौरान कार्यालय के निजी सुरक्षा कर्मियों, टीएमसी समर्थकों और पार्टी नेताओं की पुलिस तथा निगम अधिकारियों के साथ झड़प हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना को लेकर शेक्सपियर सरणी थाने में तीन FIR दर्ज की गई हैं। मामलों में सरकारी काम में बाधा डालने, गैरकानूनी जमावड़ा और पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट समेत कई आरोप शामिल हैं। इस मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है।
अभिषेक बनर्जी और डेरेक ओ'ब्रायन से भी हो चुकी है पूछताछ
कैमैक स्ट्रीट मामले में पुलिस पहले ही टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन और अभिषेक के निजी सहायक सुमित रॉय से पूछताछ कर चुकी है। अभिषेक बनर्जी से पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की थी, जबकि डेरेक ओ'ब्रायन और सुमित रॉय भी शेक्सपियर सरणी थाने में जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए थे। FIR में अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ'ब्रायन, बैश्वानर चट्टोपाध्याय और हुमायूं कबीर समेत कई लोगों के नाम होने की जानकारी पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आई है।
हुमायूं कबीर ने उठाए कार्रवाई की वैधता पर सवाल
समन मिलने के बाद हुमायूं कबीर ने बिलबोर्ड हटाने की कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि KMC की टीम पुलिस के साथ बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के बिलबोर्ड हटाने पहुंची थी। कबीर ने यह भी आरोप लगाया कि मौके पर पुलिसकर्मियों के साथ टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मारपीट नहीं की थी। उनके मुताबिक, घटना के वीडियो मौजूद हैं और उनसे वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि निजी सुरक्षा कर्मी कार्यालय में कथित तौर पर जबरन प्रवेश को रोकने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, ये हुमायूं कबीर के दावे हैं। दूसरी ओर, पुलिस का आरोप है कि बिलबोर्ड हटाने के दौरान सरकारी अधिकारियों के काम में बाधा डाली गई और पुलिस तथा KMC अधिकारियों के साथ झड़प हुई। मामले की जांच जारी है।
अब हुमायूं कबीर से पूछताछ पर नजर
हुमायूं कबीर के सोमवार को शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचने के बाद पुलिस उनसे कैमैक स्ट्रीट की घटना के दौरान उनकी मौजूदगी, घटनाक्रम और अन्य आरोपितों की भूमिका को लेकर सवाल कर सकती है। फिलहाल उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है और समन जारी होना अपने आप में किसी आरोप का अंतिम प्रमाण नहीं है।