पुरुलिया: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी रविवार को पुरुलिया दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा जिले में आयोजित बड़े करम महोत्सव को लेकर है। वे पुरुलिया के कड़ाडी मैदान में आदिवासी कुड़मी समाज की ओर से आयोजित ‘करम पर्वतिया महा जुड़ुआही’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
कड़ाडी मैदान में जुटेंगे बड़ी संख्या में लोग
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर कड़ाडी मैदान में तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। आयोजकों के मुताबिक, महोत्सव में बड़ी संख्या में करम नृत्य दल हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में अलग-अलग इलाकों से लोगों के पहुंचने की संभावना है। शनिवार को आयोजित रिहर्सल कार्यक्रम में भी हजारों लोगों की मौजूदगी देखने को मिली थी।
कुड़मी समाज की मांगों के बीच हो रहा आयोजन
करम महोत्सव का आयोजन ऐसे समय हो रहा है, जब कुड़मी समाज लंबे समय से अपनी जातीय पहचान और अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग उठा रहा है। इसके साथ ही कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने और सरना धर्म के लिए अलग कोड की मांग भी समाज की ओर से उठाई जाती रही है।
आदिवासी संगठनों ने जताई आपत्ति
मुख्यमंत्री के कुड़मी समाज के कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर कुछ आदिवासी संगठनों की ओर से आपत्ति भी सामने आई है। भारत जाकात माझी परगाना महल की ओर से आदिवासी नेताओं और विधायकों को खुला पत्र जारी कर कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की अपील की गई थी। संगठन का कहना है कि करम पर्व एक सांस्कृतिक परंपरा है, लेकिन यदि इसके मंच से कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग को आगे बढ़ाया जाता है तो वे इसका विरोध करेंगे।
प्रशासनिक बैठक भी करेंगे मुख्यमंत्री
करम महोत्सव में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री पुरुलिया शहर में प्रशासनिक बैठक करेंगे। इस दौरान जिले से जुड़े प्रशासनिक और विकास कार्यों की समीक्षा किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद विभिन्न जाति और समुदायों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक प्रस्तावित है।
आदिवासी, बाउरी और कुम्हार संगठनों को भी बुलावा
पुरुलिया के रवींद्र भवन में होने वाली बैठक के लिए आदिवासी, बाउरी, कुम्हार समेत कई समुदायों से जुड़े संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि बैठक में संबंधित समुदायों के प्रतिनिधि अपने सामाजिक मुद्दों और मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं।
20 सितंबर की तारीख भी रही है खास
कुड़मी समुदाय की ओर से अपनी जातीय पहचान से जुड़ी मांगों को लेकर 20 सितंबर के आसपास आंदोलन किए जाते रहे हैं। पिछले वर्षों में इस तारीख को रेल और सड़क अवरोध जैसे कार्यक्रम भी देखने को मिले हैं। इस बार इसी तारीख पर पुरुलिया में बड़े स्तर पर करम महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो रहे हैं।