कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए 284 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई बड़े और चर्चित चेहरों को मैदान में उतारा गया है। खास बात यह है कि इस बार कांग्रेस तीन दशकों में पहली बार बिना किसी गठबंधन के अकेले चुनाव लड़ रही है।
दिग्गजों पर दांव
कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता Adhir Ranjan Chowdhury को बहरामपुर सीट से उम्मीदवार बनाया है। अधीर रंजन लंबे समय बाद विधानसभा चुनावी मैदान में उतर रहे हैं—उन्होंने आखिरी बार 1996 में यह चुनाव लड़ा था।
वहीं, मालदा की राजनीति में बड़ा नाम Mausam Benazir Noor को मालतीपुर सीट से टिकट दिया गया है। टीएमसी छोड़कर हाल ही में कांग्रेस में वापसी करने वाली मौसम नूर पर पार्टी ने बड़ा भरोसा जताया है।
30 साल बाद ‘सोलो फाइट’
2026 का चुनाव कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि करीब 30 साल बाद पार्टी पश्चिम बंगाल में अकेले चुनावी रण में उतरी है। उम्मीदवारों के चयन से पहले पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की अहम बैठक हुई, जिसमें Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और K. C. Venugopal समेत शीर्ष नेतृत्व मौजूद रहा।
क्या कहते हैं आंकड़े?
294 सीटों के लिए 2500 से ज्यादा आवेदन आए
10 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान अभी बाकी
2021 विधानसभा चुनाव में सिर्फ 3% वोट शेयर
2024 लोकसभा में 4.7% वोट और 1 सीट पर जीत
अन्य बड़े चेहरे भी मैदान में
- नेपाल महतो – बाघमुंडी
- मोहित सेनगुप्ता – रायगंज
- अली इमरान रामज़ (विक्टर) – चाकुलिया
- प्रदीप प्रसाद – भवानीपुर (सीएम Mamata Banerjee और Suvendu Adhikari के खिलाफ)
- रोहन मित्रा – बालीगंज
- अमल आचार्य – इटहार
गढ़ बचाने की चुनौती
कांग्रेस को उम्मीद है कि मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे पारंपरिक गढ़ों में वह इस बार बेहतर प्रदर्शन करेगी और ‘शून्य’ की स्थिति से बाहर निकलेगी।
क्या बदलेगा समीकरण?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस का यह ‘अकेले लड़ने’ का फैसला बंगाल की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकता है। अब देखना होगा कि क्या पार्टी अपने पुराने जनाधार को वापस ला पाती है या नहीं।