कोलकाता: दक्षिण कोलकाता के ढाकुरिया स्थित स्विमिंग क्लब में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 11वीं कक्षा के 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। रवींद्र सरोवर परिसर में तैराकी का प्रशिक्षण लेने आए छात्र सरित घोष के अंडरवाटर ट्रेनिंग के दौरान डूबने की बात सामने आई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में छात्र का नाम सरीप घोष भी बताया गया है। घटना के बाद छात्र के परिवार ने क्लब प्रबंधन और प्रशिक्षकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कथित लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अंडरवाटर ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा
पंचाननतला रोड का रहने वाला सरित शुक्रवार शाम करीब 4 बजे के बैच में तैराकी का अभ्यास करने क्लब पहुंचा था। परिवार और क्लब से जुड़े लोगों के मुताबिक, वह नियमित रूप से तैराकी की ट्रेनिंग लेता था और अच्छी तरह तैरना जानता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शाम करीब 4:30 से 5 बजे के बीच पूल में अंडरवाटर स्विमिंग ड्रिल चल रही थी। इसी दौरान सरित भी पानी में उतरा। बताया जा रहा है कि ट्रेनिंग सत्र खत्म होने के बाद अन्य तैराक पूल से बाहर निकल आए, लेकिन सरित बाहर नहीं आया। कुछ देर बाद प्रशिक्षकों और अन्य तैराकों को उसके नजर नहीं आने का पता चला। इसके बाद पूल में उसकी तलाश शुरू की गई।
गहरे पानी में मिला अचेत
तलाशी के दौरान सरित को पूल के गहरे हिस्से में अचेत अवस्था में पाया गया। उसे तुरंत पानी से बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार देने की कोशिश की गई। इसके बाद छात्र को ढाकुरिया के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
परिवार ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सरित के परिजनों ने क्लब में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अंडरवाटर ट्रेनिंग जैसे अभ्यास के दौरान प्रशिक्षकों और लाइफगार्ड की लगातार निगरानी जरूरी है। परिवार का सवाल है कि अगर छात्र पानी के भीतर रह गया था, तो उसकी अनुपस्थिति पर तुरंत ध्यान क्यों नहीं गया। उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि ट्रेनिंग के दौरान लाइफगार्ड और जिम्मेदार प्रशिक्षक किस तरह निगरानी कर रहे थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। छात्र की मौत के पीछे वास्तविक कारण और किसी संभावित लापरवाही की भूमिका पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशिक्षक ने बताई अपनी स्थिति
क्लब से जुड़े एक प्रशिक्षक के मुताबिक, स्विमिंग पूल का इस्तेमाल पुरुष और महिला दोनों वर्गों के लिए किया जाता था और उस दिन दोनों हिस्सों के बीच का बैरिकेड हटा दिया गया था। प्रशिक्षक के अनुसार, सरित ने तैराकी के दो राउंड पूरे किए थे। इसके बाद उसे महिला वर्ग की ओर वाले हिस्से में अचेत अवस्था में पाया गया। पुलिस अब उस समय पूल में मौजूद प्रशिक्षकों, लाइफगार्ड और अन्य तैराकों से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी समझने की कोशिश कर रही है।
लेक थाना पुलिस ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलने के बाद लेक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। जांच के दौरान क्लब में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे से पहले छात्र के साथ क्या हुआ था और उसे पानी से बाहर निकालने में कितना समय लगा। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या छात्र को पानी के भीतर अचानक कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई, मांसपेशियों में खिंचाव आया या कोई अन्य चिकित्सकीय समस्या हुई थी। साथ ही, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था में किसी तरह की कमी की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल छात्र की मौत की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के चिकित्सकीय कारण का पता चलने की उम्मीद है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
स्विमिंग पूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल
ढाकुरिया की घटना ने शहर के स्विमिंग क्लबों में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर अंडरवाटर ड्रिल के दौरान प्रशिक्षकों की निगरानी, लाइफगार्ड की उपलब्धता, आपातकालीन प्रतिक्रिया और CPR जैसी प्राथमिक जीवनरक्षक व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इस पर ध्यान देने की जरूरत सामने आई है। फिलहाल पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 16 वर्षीय छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की चूक की भूमिका थी।