रघुनाथगंज: मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में रविवार सुबह पंचायत मंत्री दिलीप घोष अलग अंदाज में नजर आए। शनिवार रात मालदा का कार्यक्रम खत्म करने के बाद उन्होंने जंगीपुर सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। रविवार सुबह वह कार्यकर्ताओं और आम लोगों के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले। सदरघाट से नेताजी सुभाष द्वीप तक उन्होंने पैदल शहर का भ्रमण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। मॉर्निंग वॉक के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उनके साथ मौजूद रहे। बाद में सदरघाट पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
आम लोगों के बीच पहुंचे पंचायत मंत्री
दिलीप घोष ने सुबह की सैर के दौरान स्थानीय लोगों के साथ सीधे संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से उनकी समस्याओं और स्थानीय मुद्दों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भी मंत्री के साथ बातचीत की। शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरते हुए उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। मंत्री के इस दौरे को लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिला। आम लोगों के बीच रहकर उन्होंने क्षेत्र की स्थिति को समझने की कोशिश की। मॉर्निंग वॉक के दौरान कई स्थानीय मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा भी हुई। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया।
‘आवास’ योजना को लेकर दिया संदेश
पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंचायत मंत्री ने आवास योजना से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने योजना के तहत पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। मंत्री ने संकेत दिया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए। पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका जोर इस बात पर रहा कि सरकारी सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। मंत्री के बयान से साफ है कि पंचायत स्तर पर योजनाओं की निगरानी को लेकर सरकार सख्त है।
125 दिनों के काम पर भी चर्चा
पंचायत मंत्री ने 125 दिनों के रोजगार कार्य को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण लोगों को रोजगार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए पंचायत स्तर पर काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होने देने का संदेश दिया। रोजगार से जुड़े कार्यों में पात्र लोगों को प्राथमिकता देने की बात भी सामने आई। मंत्री ने अधिकारियों और पंचायत व्यवस्था को जिम्मेदारी के साथ काम करने का संकेत दिया। साथ ही उन्होंने सरकारी धन के सही इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
भ्रष्टाचार पर पंचायत मंत्री का कड़ा रुख
दिलीप घोष ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सख्त संदेश दिया। उन्होंने सरकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लेने की बात कही। पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर सरकार की निगरानी बढ़ाने के संकेत भी दिए गए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का पैसा किसी भी स्थिति में गलत तरीके से इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार मिलना जरूरी है। मंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर दिया। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। उनके इस बयान को पंचायत व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।