कोलकाता: चुनाव आयोग द्वारा तृणमूल कांग्रेस के नाम और 'घास पर जोड़ा फूल' चुनाव चिह्न को अंतरिम रूप से फ्रीज किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने बृहस्पतिवार को इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी और रितव्रत बनर्जी दोनों ही शिविरों पर जमकर निशाना साधा और कहा कि अगर उनमें दम है, तो वे अलग-अलग चुनाव चिह्नों के साथ मैदान में उतरकर अपनी ताकत दिखाएं।
चुनाव आयोग के फैसले पर दिलीप घोष का तंज
भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि वे लोग पहले से ही इस प्रतीक को बंद करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस आपसी खींचतान में अब चुनाव आयोग ने खुद ही घासफुल को उखाड़ फेंका है। आयोग के निर्देशानुसार दोनों पक्षों को आज सुबह 11 बजे तक तीन-तीन वैकल्पिक नाम और प्रतीक जमा करने थे। दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग का यह निर्णय सभी पक्षों को मानना ही होगा।
नेताओं के बीच बयानबाजी और राजनीतिक संस्कृति पर सवाल
केवल चुनाव चिह्न ही नहीं, बल्कि हाल ही में तृणमूल के भीतर चल रहे अंतर्द्वंद और नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से तीखी भाषा के इस्तेमाल पर भी दिलीप घोष ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और जननेताओं की भाषा और आचरण की एक मर्यादा होनी चाहिए। इस तरह की बयानबाजी से समाज में गलत संदेश जाता है और नेता खुद अपनी छवि खराब कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की संस्कृति ने बंगाल के राजनीतिक और सामाजिक परिवेश को काफी हद तक कलंकित किया है।
माओवादी नेता आकाश की गिरफ्तारी और अन्य बड़ी खबरें
इस राजनीतिक हलचल के बीच राज्य में अन्य अहम प्रशासनिक घटनाएं भी सामने आई हैं। गुरुवार की सुबह कोलकाता पुलिस की एसटीएफ (STF) ने पूर्वी मेदिनीपुर के पाटाशपुर से शीर्ष माओवादी नेता आकाश उर्फ असीम मंडल को उसके ससुराल से गिरफ्तार कर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों की यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता पर जोर दिया जा रहा है।
कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश और कानूनी कार्रवाई
राज्य में चल रहे अन्य घटनाक्रमों के तहत, अदालत के आदेश के बाद बेइन्साफ या अवैध निर्माण के मामलों में सीबीआई ने अपनी जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, कलकत्ता हाईकोर्ट ने श्रीরামপুর (श्रीरामपुर) में ममता बनर्जी को सभा करने की सशर्त अनुमति दे दी है, जिसमें अधिकतम 1,000 लोगों के शामिल होने की सीमा तय की गई है। इसके अलावा, स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक के पाठ्यक्रम में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान को शामिल करने का निर्देश भी जारी किया गया है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति
राज्य की खबरों से इतर राष्ट्रीय पटल पर भी कई बड़े घटनाक्रम चर्चा में हैं। नई दिल्ली में आयोजित 'सेমিকন ইন্ডিয়া' (सेमिकॉन इंडिया) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख किया कि ब्रिक्स के माध्यम से दुनिया का भारत पर भरोसा लगातार बढ़ रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री ने 'अन्नूपूर्णा योजना' के तहत महिलाओं को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि अब बंगाल में किसी को 'कटमनी' नहीं देनी पड़ेगी। दूसरी ओर, अमेरिका में रूस से तेल आयात को लेकर उठाए जा रहे कदमों पर भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।