कोलकाता: भारतीय सेना में जारी बड़े स्तर के नेतृत्व परिवर्तन के बीच पूर्वी क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य कमान को नया नेतृत्व मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने बुधवार को पूर्वी कमान के नए प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। कोलकाता स्थित इस कमान की जिम्मेदारी उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी से ली, जो हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं।
सेना में बदलाव का दौर
सेना में यह बदलाव एक व्यापक पुनर्गठन का हिस्सा है, जिसमें कई प्रमुख पदों पर नए अधिकारी तैनात किए गए हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य सेना की रणनीतिक क्षमता और ऑपरेशनल तैयारी को और मजबूत करना है।
अनुभव और नेतृत्व की मजबूत पृष्ठभूमि
करीब चार दशक के लंबे सैन्य करियर के साथ, लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन को विविध और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करने का अनुभव है।
उन्होंने अपने करियर में:
- ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में यूनिट्स का नेतृत्व किया
- आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई
- बड़े सैन्य गठन (फॉर्मेशन) की कमान संभाली
सियाचिन से रणनीतिक मुख्यालय तक का सफर
लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन ने सियाचिन जैसे दुर्गम इलाके में बटालियन और ब्रिगेड का नेतृत्व किया है। इसके अलावा, वे एक डिवीजन और ब्रह्मास्त्र कोर जैसे महत्वपूर्ण गठन की कमान भी संभाल चुके हैं। रणनीतिक स्तर पर उन्होंने रक्षा मंत्रालय के तहत सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े अहम पदों पर काम किया और विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया।
लॉजिस्टिक्स और आधुनिकता पर फोकस
नई जिम्मेदारी से पहले वे सेना मुख्यालय में क्वार्टर मास्टर जनरल के पद पर थे, जहां उन्होंने सप्लाई सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर सेना की तैयारी को मजबूत किया।
पूर्वी कमान की अहमियत
- पूर्वी कमान भारतीय सेना की सबसे संवेदनशील कमानों में से एक है।
- यह चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की निगरानी करती है
- उत्तर-पूर्वी राज्यों की सुरक्षा इसकी जिम्मेदारी है
- क्षेत्र में स्थिरता और शांति बनाए रखना इसकी प्राथमिकता है
नई कमान, नई प्राथमिकताएं
कार्यभार संभालने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और सेना के जवानों से हर समय तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय में:
- तकनीक का ज्यादा इस्तेमाल होगा
- अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा
- ऑपरेशनल क्षमता को और मजबूत किया जाएगा
पूर्वी कमान की कमान ऐसे अधिकारी के हाथ में आई है, जिनके पास मैदान से लेकर रणनीतिक स्तर तक का व्यापक अनुभव है। मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों के बीच यह नियुक्ति भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।