चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने बड़ा निर्णय लेते हुए पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी से आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) को हटा दिया है। 7 मई 2026 से यह फैसला लागू हो गया है।
अब प्रशासनिक फैसलों पर नहीं रहेगी रोक
आचार संहिता हटने के बाद अब इन राज्यों की सरकारें स्वतंत्र रूप से प्रशासनिक और विकास से जुड़े फैसले ले सकेंगी। लंबे समय से लागू चुनावी नियमों से अब राहत मिल गई है।
उपचुनाव वाले राज्यों में भी राहत
गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा में हुए उपचुनाव वाले क्षेत्रों से भी आचार संहिता हटा ली गई है, जिससे वहां भी सामान्य प्रशासनिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
फलता सीट पर अभी लागू रहेगी आचार संहिता
हालांकि पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में अभी आचार संहिता लागू रहेगी। 29 अप्रैल को हुए मतदान में गड़बड़ी के आरोपों के चलते यहां पुनर्मतदान का फैसला लिया गया है। यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग होगी और 24 मई को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
दो महीने बाद खत्म हुआ चुनावी नियम
15 मार्च को चुनाव आयोग ने इन राज्यों में चुनाव की घोषणा की थी, जिसके बाद आचार संहिता लागू हुई थी। करीब दो महीने तक लागू रहने के बाद अब इसे समाप्त कर दिया गया है।
चुनाव आयोग का आधिकारिक आदेश
चुनाव आयोग के सचिव प्रफुल्ल अवस्थी ने संबंधित राज्यों को इस फैसले की जानकारी पत्र के माध्यम से दी है। इसके बाद सभी राज्यों में सामान्य प्रशासनिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गई हैं।