पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फलता विधानसभा क्षेत्र में 21 मई, गुरुवार को रिपोल कराया जाएगा। चुनाव आयोग ने पुनर्मतदान को पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है। आयोग का लक्ष्य है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की हिंसा, गड़बड़ी या अनियमितता की शिकायत सामने न आए।
ईवीएम गड़बड़ी के आरोप के बाद लिया गया फैसला
दरअसल, 29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण के मतदान के दौरान फलता विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी और छेड़छाड़ के आरोप लगे थे। इन शिकायतों के बाद मतगणना प्रक्रिया को रोक दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने संबंधित बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया।
हर बूथ पर दोगुनी केंद्रीय बल की तैनाती
सूत्रों के मुताबिक, रिपोल के दिन प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय बल की एक पूरी सेक्शन यानी आठ जवान तैनात किए जाएंगे। सामान्य मतदान के दौरान जहां हर बूथ पर केवल चार केंद्रीय जवान मौजूद रहते थे, वहीं इस बार सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना कर दिया गया है। आयोग किसी भी तरह की लापरवाही या सुरक्षा चूक से बचना चाहता है।
30 क्विक रिस्पॉन्स टीम रहेंगी अलर्ट
मतदान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी तैयार रखी गई हैं। इन टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की अशांति या विवाद की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा सके।
शांतिपूर्ण मतदान पर आयोग का फोकस
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि रिपोल को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मतदाता बिना किसी डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।