कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को लेकर सियासत तेज हो गई है। ‘फॉर्म-6’ के कथित बड़े पैमाने पर जमा होने के आरोपों के बीच मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिससे इलाके में घंटों तनाव बना रहा।
400 फॉर्म के साथ युवक पकड़े जाने का दावा
मंगलवार दोपहर ‘BLO अधिकार मंच’ के कार्यकर्ता CEO कार्यालय के बाहर जुटे और आरोप लगाया कि एक व्यक्ति 400 से ज्यादा फॉर्म-6 आवेदन लेकर अंदर जा रहा था। इसके विरोध में TMC समर्थकों ने धरना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में बीजेपी कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और टकराव शुरू हो गया।
पुलिस और केंद्रीय बलों ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और इलाके में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई। करीब चार घंटे तक चले इस गतिरोध के कारण काउंसिल हाउस स्ट्रीट से लेकर स्ट्रैंड रोड तक ट्रैफिक प्रभावित रहा।
ममता बनर्जी का बड़ा आरोप – ‘वोटर हाईजैकिंग’
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि बीजेपी एजेंट हजारों फर्जी फॉर्म-6 जमा कर बाहरी लोगों को बंगाल की वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे “वोटर हाईजैकिंग” बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
CEO का बयान और EC की जांच
राज्य के CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है कि कौन कितने फॉर्म जमा कर रहा है। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 27 मार्च के बाद जमा हुए फॉर्म-6 आवेदनों के आधार पर मतदाता 23 अप्रैल को वोट नहीं डाल सकेंगे।
अभिषेक बनर्जी का दावा – 30 हजार फॉर्म जमा
TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी ने करीब 30,000 फॉर्म-6 एक साथ जमा किए हैं, जिससे राज्य की जनसांख्यिकी प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
बीजेपी का पलटवार
वहीं बीजेपी सांसद सुकांत मजूमदार ने इन आरोपों से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर केंद्रीय बलों के खिलाफ लोगों को भड़काने का आरोप लगाया।
रातभर धरना, FIR और ट्रैफिक पर असर
घटना के बाद TMC कार्यकर्ताओं ने रातभर CEO कार्यालय के बाहर धरना दिया और हरे स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज कर बीजेपी पर अवैध तरीके से फॉर्म जमा करने का आरोप लगाया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रही।
वोटर लिस्ट से 13 लाख नाम हटे
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 60 लाख मतदाताओं की जांच की गई, जिनमें से करीब 13 लाख नाम हटाए जा चुके हैं। जिन मतदाताओं के नाम हटे हैं, उन्हें अब अपीलीय ट्रिब्यूनल में अपील करने का मौका दिया गया है।