हल्दिबाड़ी/कोचबिहार: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के बाद, जहाँ एक ओर भारी वोटिंग की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर उत्तर बंगाल का हल्दिबाड़ी शहर आधी रात को सियासी अखाड़ा बन गया। सेक्टर ऑफिसर की गाड़ी में अतिरिक्त EVM मिलने और सुरक्षा की कमी को लेकर भाजपा समर्थकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
घटना गुरुवार देर रात हल्दिबाड़ी शहर के वार्ड नंबर 6 की है। बालाडांगा जूनियर बेसिक स्कूल (बूथ संख्या 140 और 141) में मतदान संपन्न होने के बाद जब सेक्टर ऑफिसर अपनी गाड़ी लेकर निकल रहे थे, तब स्थानीय लोगों ने गाड़ी में एक अतिरिक्त (Spare) EVM देखी।
भाजपा का आरोप: 'मशीन बदलने की साजिश'
भाजपा कार्यकर्ताओं ने गाड़ी को घेर लिया और सवाल उठाया कि बिना किसी सुरक्षा घेरे (Police/Central Forces) के अधिकारी अकेले गाड़ी में EVM कैसे ले जा रहे थे? मेखलीगंज से भाजपा उम्मीदवार दधिराम राय और नेता अर्घ्य राय प्रधान समर्थकों के साथ मौके पर पहुँच गए। उनका आरोप है कि प्रशासन और सत्तारूढ़ दल (TMC) मिलकर असली EVM को बदलने की साजिश रच रहे थे।
हाई-वोल्टेज चेज और प्रशासन का आश्वासन
बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए। भाजपा नेताओं की मांग थी कि इस EVM की वैधता की जांच की जाए। काफी बहस के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मशीन को DCRC (Distribution Center-cum-Receiving Center) ले जाकर सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सामने चेक किया जाएगा।
आश्चर्यजनक दृश्य तब देखने को मिला जब सेक्टर ऑफिसर की गाड़ी DCRC के लिए निकली, तो भाजपा उम्मीदवार दधिराम राय अपनी गाड़ी से उस काफिले का पीछा करते हुए वहां तक गए ताकि कोई गड़बड़ी न हो सके।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
कोचबिहार में 152 केंद्रों पर 90% से अधिक मतदान हुआ है, लेकिन इस घटना ने चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
1. सेक्टर ऑफिसर की गाड़ी के साथ पुलिस या केंद्रीय बल का पहरा क्यों नहीं था?
2. अतिरिक्त मशीन ले जाने की जानकारी पहले से राजनीतिक दलों को क्यों नहीं दी गई?
भाजपा अब इस मामले को लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रही है। मतदान के उत्साह के बीच इस 'EVM विवाद' ने उत्तर बंगाल की राजनीति में खलबली मचा दी है।