जलपाईगुड़ी: जलपाईगुड़ी शहर की प्रतिभाशाली बेटी और 12वीं कक्षा की छात्रा मधुरा कर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। दक्षिण अफ्रीका के सनसिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मधुरा ने भारत का प्रतिनिधित्व किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। मधुरा की इस उपलब्धि से उनके परिवार, प्रशिक्षक और स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। कम उम्र में ही उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर मधुरा अब खेल जगत में एक उभरता हुआ नाम बनती जा रही हैं। उनकी इस उपलब्धि को जलपाईगुड़ी के लिए भी गौरव का क्षण माना जा रहा है।
दक्षिण अफ्रीका में भारत का प्रतिनिधित्व, जीता स्वर्ण पदक
मधुरा कर ने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भारत की ओर से हिस्सा लिया। सनसिटी में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। अपने प्रदर्शन के दम पर मधुरा ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है और मधुरा ने इसे स्वर्ण पदक में बदलकर देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता से जलपाईगुड़ी के खेल प्रेमियों में भी उत्साह है। परिवार और प्रशिक्षक को मधुरा की मेहनत और समर्पण का परिणाम मिलने पर गर्व है। माना जा रहा है कि यह उपलब्धि उनके खेल करियर को नई दिशा देने वाली साबित होगी।
चीन में भी दिखाया था दम, एशियन चैंपियनशिप में जीता था सिल्वर
दक्षिण अफ्रीका में स्वर्ण पदक जीतने से पहले मधुरा कर ने चीन में आयोजित एशियन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल रजत पदक हासिल किया था। मधुरा ने प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपनी क्षमता का परिचय दिया था। एशियाई स्तर पर पदक जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी लगातार बेहतर होती तैयारी को दर्शाता है। कम समय में दो बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सफलता हासिल करना मधुरा के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनके प्रदर्शन ने परिवार और प्रशिक्षकों का भरोसा और मजबूत किया है। अब उनकी नजर आने वाली बड़ी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन करने पर है।
राष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार चैंपियन रही हैं मधुरा
मधुरा कर की सफलता केवल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। वर्ष 2024 में राजस्थान में आयोजित नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मधुरा ने चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद वर्ष 2025 में महाराष्ट्र में आयोजित नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। लगातार दो वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बनना उनकी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इसके अलावा, इसी वर्ष फरीदाबाद में आयोजित बेंच प्रेस नेशनल चैंपियनशिप में भी मधुरा चैंपियन बनीं। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार सफलता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए मजबूत दावेदार बनाया।
छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियां, खेल जगत की बढ़ी नजर
जलपाईगुड़ी के नंबर 3 घुमटी इलाके की रहने वाली मधुरा कर अभी 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ पावरलिफ्टिंग में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर उन्होंने कम उम्र में ही अपनी अलग पहचान बनाई है। राष्ट्रीय चैंपियनशिप से लेकर एशियन और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक मधुरा ने अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी उपलब्धियां उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन रही हैं, जो खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। मधुरा की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, मेहनत और प्रशिक्षक के मार्गदर्शन की अहम भूमिका मानी जा रही है। परिवार और स्थानीय लोगों को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार पदक जीतने से मधुरा से भविष्य में और बड़ी उम्मीदें बढ़ गई हैं।
परिवार और प्रशिक्षक को भविष्य में बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद
मधुरा की लगातार सफलताओं से उनके परिवार और प्रशिक्षक काफी उत्साहित हैं। दक्षिण अफ्रीका में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनके हौसले और बढ़े हैं। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि मधुरा आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी मेहनत और प्रदर्शन को देखते हुए भविष्य में बड़े मंचों पर उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। कम उम्र में हासिल की गई ये उपलब्धियां उनके उज्ज्वल खेल करियर की ओर इशारा करती हैं। मधुरा का लक्ष्य आने वाली प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन को और बेहतर करना होगा। जलपाईगुड़ी की यह बेटी इसी तरह सफलता हासिल करती रही तो आने वाले समय में देश के लिए कई और पदक जीत सकती हैं।