कोलकाता: कोलकाता में इस्कॉन की 55वीं वार्षिक रथयात्रा 16 जुलाई को पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। इस बार की यात्रा खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी स्वयं रथ की रस्सी खींचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे। नई सरकार बनने के बाद यह उनका पहला इस्कॉन रथयात्रा कार्यक्रम होगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री करेंगे रथयात्रा का शुभारंभ
आयोजकों के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह कार्यक्रम स्थल पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा के दर्शन करेंगे। पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद वे रथ की रस्सी खींचकर यात्रा की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इस दौरान वे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनेंगे।
अमित शाह को भी भेजा गया विशेष निमंत्रण
इस्कॉन कोलकाता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी रथयात्रा समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। हालांकि उनके कार्यक्रम को लेकर अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। आयोजन समिति का कहना है कि इस वर्ष देश के साथ-साथ चीन, रूस, यूक्रेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों से भक्त कोलकाता पहुंचेंगे।
'भारत-मंदिर संस्कृति की विरासत' होगी इस वर्ष की थीम
इस बार रथयात्रा की थीम 'भारत-मंदिर संस्कृति की विरासत' रखी गई है। आयोजकों का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और विश्व शांति का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के बीच यह यात्रा प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी देगी।
इन प्रमुख मार्गों से गुजरेगी रथयात्रा
16 जुलाई को यात्रा इस्कॉन मंदिर, अल्बर्ट रोड से शुरू होकर सरत बोस रोड, एक्साइड, एजेसी बोस रोड, हाजरा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रोड, जवाहरलाल नेहरू रोड और आउटराम रोड होते हुए ब्रिगेड परेड ग्राउंड स्थित मौसी बाड़ी पहुंचेगी। यहीं भगवान जगन्नाथ का रथ परंपरा के अनुसार कुछ दिनों तक विराजमान रहेगा।
24 जुलाई को होगी बहुदा यात्रा
रथयात्रा के समापन चरण में 24 जुलाई को बहुदा यात्रा यानी उल्टा रथ निकाला जाएगा। यह यात्रा ब्रिगेड परेड ग्राउंड से प्रारंभ होकर महानगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
17 से 23 जुलाई तक लगेगा श्री जगन्नाथ महामेला
रथयात्रा के बाद 17 से 23 जुलाई तक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में श्री जगन्नाथ महामेला आयोजित किया जाएगा। यहां तिरुपति बालाजी मंदिर की स्थापत्य शैली पर आधारित गुंडिचा मंदिर की प्रतिकृति बनाई जाएगी, जहां सात दिनों तक भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा के दर्शन श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहेंगे।