कोलकाताः गर्मी के मौसम में जहां लोग राहत पाने के लिए स्विमिंग पूलों का रुख करते हैं, वहीं इस बार शहर के पूलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। क्लोरीन की सप्लाई में आई कमी ने पूल संचालकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे स्वच्छता और संचालन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
क्लोरीन सप्लाई पर पड़ा असर
जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण केमिकल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर क्लोरीन की उपलब्धता पर पड़ा है, जो स्विमिंग पूलों की सफाई और पानी को सुरक्षित रखने के लिए बेहद जरूरी होता है।
पूल संचालकों की बढ़ी परेशानी
कोलकाता के कई निजी और सार्वजनिक स्विमिंग पूल संचालकों का कहना है कि क्लोरीन की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, साथ ही इसकी उपलब्धता भी सीमित हो गई है। ऐसे में पूलों को नियमित रूप से साफ रखना और स्वास्थ्य मानकों का पालन करना चुनौती बनता जा रहा है।
स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि क्लोरीन की कमी से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है, जिससे त्वचा संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पूल उपयोग करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
पूल संचालकों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि क्लोरीन की सप्लाई को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आने वाले दिनों में कई स्विमिंग पूल अस्थायी रूप से बंद भी किए जा सकते हैं।
गर्मी में बढ़ सकती है परेशानी
जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, स्विमिंग पूलों की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में क्लोरीन संकट अगर जारी रहा, तो आम लोगों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।