पश्चिम बंगाल में मतगणना से जुड़ी गतिविधियों के बीच रात के समय राजनीतिक माहौल गरमा गया। बारिश के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मतगणना केंद्र पहुंचीं, जहां ईवीएम को लेकर गड़बड़ी की आशंका जताई गई। इसके बाद सखावत मेमोरियल स्कूल के बाहर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
ममता बनर्जी का बड़ा आरोप
करीब चार घंटे बाद मतगणना केंद्र से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ‘बाहरी गुजराती युवक’ भी शामिल था। उन्होंने कहा कि वह युवक लगातार नारेबाजी कर रहा था और सोशल मीडिया पर लाइव भी कर रहा था। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वह युवक भवानीपुर का वोटर नहीं है और बाहर से आया हुआ है।
मोबाइल पर वीडियो दिखाकर किया दावा
मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने एक वीडियो दिखाते हुए आरोप लगाया कि वह युवक गुजरात से आया हुआ है। उन्होंने कहा कि मतगणना केंद्र के बाहर का इलाका किसी भी तरह की अशांति के लिए नहीं है और अगर जरूरत पड़ी तो वह बड़ी संख्या में समर्थकों को भी बुला सकती हैं।
युवक ने दी सफाई, बताया अपना पक्ष
ममता बनर्जी के आरोपों के बाद जिस युवक की चर्चा हो रही थी, उसने खुद कैमरे के सामने आकर अपनी बात रखी। दीप प्रजापति नाम के इस युवक ने कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और वह केवल अपने रिश्तेदारों से मिलने पश्चिम बंगाल आया था। उसने यह भी कहा कि उसने हालात देखकर अपनी प्रतिक्रिया दी, जो उसका लोकतांत्रिक अधिकार है।
स्ट्रॉन्ग रूम विवाद से बढ़ा तनाव
इस पूरे घटनाक्रम से पहले स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर भी राजनीतिक तनाव देखने को मिला था। तृणमूल कांग्रेस और BJP समर्थक आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद स्थिति काफी देर तक तनावपूर्ण बनी रही। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए, जिससे माहौल और गरमा गया।
चुनाव आयोग की सफाई
स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि सभी ईवीएम और बैलेट पूरी तरह सुरक्षित हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम में किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री नहीं हुई है और चुनाव प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई है।