कोलकाता/बसिरहाटl: नेपाल की पहाड़ी सड़कों पर अचानक आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चपेट में आने से पश्चिम बंगाल के बसिरहाट निवासी एक 60 से अधिक उम्र के सेवानिवृत्त शिक्षक दंपत्ति और उनके साथ गए 30 पर्यटकों की जान बाल-बाल बच गई। रविवार सुबह पुलिस सुरक्षा के बीच अपने घर लौटे सेवानिवृत्त शिक्षक अनुकूल पोद्दार और उनकी पत्नी रेबा राय पोद्दार ने खौफनाक मंजर को याद करते हुए ड्राइवर की सूझबूझ और राज्य प्रशासन का आभार व्यक्त किया। दंपत्ति ने सुरक्षित लौटने पर राहत की सांस लेते हुए इसे अपना 'पुनर्जन्म' करार दिया है।
'बादलों का प्रवाह लगा, लेकिन वो मौत का सैलाब था'
नेपाल में आपदा के क्षणों को याद करते हुए अनुकूल पोद्दार ने बताया कि वे सभी 30 लोगों के दल के साथ गाड़ी से यात्रा कर रहे थे। तभी अचानक ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी और कहा कि आगे फ्लैश फ्लड आ रहा है। उत्सुकता में कुछ यात्री गाड़ी से नीचे उतर गए। दूर पहाड़ों से ऐसा लग रहा था मानो बादलों की कोई नदी बहकर नीचे आ रही हो। लेकिन ड्राइवर ने स्थिति की गंभीरता और खतरे को तुरंत भांप लिया और सभी को चेताया कि यह बेहद खतरनाक बाढ़ है जो कभी भी उन्हें अपनी चपेट में ले सकती है।
चालक की समय पर सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
ड्राइवर ने बिना एक पल गंवाए गाड़ी को यू-टर्न लिया और सभी यात्रियों को तुरंत सुरक्षित स्थान की ओर ले गया। बाद में फोन पर जानकारी जुटाने के बाद ड्राइवर ने पर्यटकों को बताया कि आगे का पहाड़ी रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है और स्थिति कब सामान्य होगी, यह अनिश्चित है। इसके बाद चालक सभी 30 यात्रियों को सुरक्षित वापस होटल ले आया। पोद्दार दंपत्ति का कहना है कि अगर सही समय पर ड्राइवर ने सही फैसला न लिया होता, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
काठमांडू से कोलकाता वापसी और मुख्यमंत्री को धन्यवाद
होटल में सुरक्षित ठहरने के बाद सभी पर्यटकों को काठमांडू लाया गया, जहां से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के विशेष प्रयासों और प्रबंधन के जरिए उनकी सुरक्षित बंगाल वापसी कराई गई। शिक्षक की पत्नी रेबा राय पोद्दार ने भावुक होकर कहा, "ईश्वर की कृपा और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के समय पर किए गए इंतजामों के कारण ही हम सब सही-सलामत वापस आ पाए हैं। हम सभी उनका और चालक का दिल से धन्यवाद करते हैं।"