पश्चिम मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल के पिंगला इलाके के बूथ नंबर 9 से चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय पूरा पोलिंग स्टाफ एक साथ बूथ छोड़कर बाहर चला गया, कथित तौर पर भोजन करने के लिए। इस दौरान कुछ समय तक मतदान केंद्र पूरी तरह खाली रहा, जिससे चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
ड्यूटी में भारी लापरवाही का आरोप
सूत्रों का कहना है कि न केवल पोलिंग कर्मचारी, बल्कि जिम्मेदार सेक्टर अधिकारी भी उस वक्त मौके पर मौजूद नहीं थे। यानी जिस समय वोटिंग चल रही थी, उसी दौरान बूथ बिना निगरानी के छोड़ दिया गया, जो चुनावी नियमों का सीधा उल्लंघन माना जा रहा है।
चुनाव आयोग का सख्त एक्शन
मामले की शिकायत मिलते ही चुनाव आयोग ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। संबंधित बूथ के प्रीसाइडिंग ऑफिसर समेत सभी मतदान कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के आदेश दिए गए हैं और जिला चुनाव अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।
रिजर्व टीम ने संभाली जिम्मेदारी
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए बिना देरी किए एक रिजर्व पोलिंग टीम को मौके पर भेजा गया। उनके पहुंचने के बाद फिर से मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कराया गया, जिससे वोटिंग पर ज्यादा असर नहीं पड़ा।
पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान
गौरतलब है कि गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग हुई। चुनाव से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने साफ कहा था कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान ही आयोग की प्राथमिकता है।
कुल मिलाकर शांतिपूर्ण, पर यह घटना बनी चर्चा का विषय
पहले चरण में ज्यादातर जगहों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पिंगला की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई। आयोग ने साफ संकेत दे दिया है कि ड्यूटी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।