कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति और दुर्गा पूजा के बीच बढ़ती चर्चाओं के बीच, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कॉलेज स्क्वायर की प्रतिष्ठित दुर्गा पूजा समिति का अध्यक्ष बनने की खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
क्या थी सोशल मीडिया पर वायरल चर्चा?
मंगलवार की सुबह से ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोर-शोर से चल रही थी कि भाजपा के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य कॉलेज स्क्वायर दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष पद की कमान संभाल सकते हैं। राज्य में हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद शहर की कई प्रतिष्ठित दुर्गा पूजा समितियों में अध्यक्षों के बदलने की खबरें सामने आ रही थीं, जिससे इस अटकल को और अधिक बल मिल रहा था।
फेसबुक पोस्ट से समिक भट्टाचार्य का स्पष्ट संदेश
इन सभी अटकलों पर पूर्ण विराम लगाते हुए, समिक भट्टाचार्य ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर एक पोस्ट किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा, "मैं कॉलेज स्क्वायर दुर्गा पूजा का अध्यक्ष नहीं बन रहा हूँ। केवल कॉलेज स्क्वायर ही नहीं, मैं राज्य की किसी भी दुर्गा पूजा का अध्यक्ष नहीं बनूँगा और न ही किसी पूजा के संचालन की जिम्मेदारी लूँगा।"
'पूजा पर कब्जे की राजनीति' का किया विरोध
अपनी पोस्ट के माध्यम से समिक भट्टाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा किसी भी तरह की 'पूजा पर कब्जे की राजनीति' का समर्थन नहीं करती है। उन्होंने कहा कि एक विधायक या मंत्री के तौर पर कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से किसी पूजा समिति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह कोई राजनीतिक चलन नहीं होना चाहिए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "दुर्गा पूजा सर्वजन की है, यह किसी विशेष राजनीतिक दल की जागीर नहीं है।"
पूजा समितियों की स्वायत्तता पर जोर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इस बात पर जोर दिया कि पूजा समितियों की स्वतंत्रता, स्वायत्तता और उनका 'सर्वजन चरित्र' हमेशा बरकरार रहना चाहिए। उन्होंने संदेश दिया कि उत्सव का आनंद आम लोगों के हाथों में ही रहना चाहिए, न कि राजनीति के नियंत्रण में।
गौरतलब है कि हाल ही में न्यू अलीपुर के 'सुरुचि संघ' सहित कुछ अन्य पूजा समितियों में राजनीतिक चेहरों के शामिल होने के बाद से यह मुद्दा चर्चा में है। ऐसे में समिक भट्टाचार्य का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।